126 Shayari in Hindi

गुजर गया है भी
जब हम तेरे तलबगार थे


आज कल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं,
हमें ऑनलाइन देखते ही ऑफलाइन हो जाते हैं..


तेरे ख्याल से खुद को छुपा के देखा है,
दिल-ओ-नजर को रुला-रुला के देखा है,
तू नहीं तो कुछ भी नहीं है तेरी कसम,
मैंने कुछ पल तुझे भुला के देखा है।


मेरे दिल ने जब भी दुआ माँगी है,
तुझे माँगा है तेरी वफ़ा माँगी है,
जिस मोहब्बत को देख के दुनिया को रश्क आये,
तेरे प्यार करने की वो अदा माँगी है।


सुना है मोहब्बत का शौक़ नहीं है तुम्हें…
पर… बर्बाद तुम क़माल का करते हो..


दर्द हमेशा अपने ही देते है,
वरना गैरो को क्या पता कि,
तकलीफ💘 किस बात से होती है।


मुझे उदास देख कर उसने कहा
मेरे होते हुए तुम्हे कोई दुःख नहीं दे सकता ,
फिर कुछ ऐसा ही हुआ बाद में
जितने भी दुःख मिले सब उसी के हुए


समझा दो इन आधियो को
अपनी औकात मे रहे
हम परो से नहीं अपनें
होंसले से उड़ते है।।।


आदमी परख़ने की एक ये भी निशानी है,
गुफ्तगू बता देती है कौन ख़ानदानी है..


जिस्म छूने से मोहब्बत नहीं होती,
इश्क़💘 वो जज़्बा है जिसे ईमान कहते हैं


कर दे नज़रे करम मुझ पर,
मैं तुझपे ऐतबार कर दूँ,
दीवाना हूँ तेरा ऐसा,
कि दीवानगी की हद को पार कर दूँ,


तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है…..!!!


पेड़ों की तरह हुस्न की बारिश में नहा लूँ
बादल की तरह झूम के घर आओ किसी दिन

ख़ुशबू की तरह गुज़रो मिरी दिल की गली से
फूलों की तरह मुझ पे बिखर जाओ किसी दिन


“हिन्दी है हमारी राष्ट्रभाषा,
हिंदी है हमें बड़ी प्यारी,
हिन्दी की सुरीली,
हमें लगे है हर पल प्यारी”
हैप्‍पी हिंदी दिवस


हिंदी है हमारी पहचान, हिंदी है हमारा अभिमान
हिंदी है हमारा श्रृंगार, हिंदी ही है हमारे संस्कार।
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं || 🙏


जब पापा के साथ पहली मर्तबा चला था

तब कुछ समज नहीं थी,

और जब आज समझने लगा

तो पता चला की पिता की एहमियत क्या होती हैं।


चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन
क्या रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन

राज़ों की तरह उतरो मिरे दिल में किसी शब
दस्तक पे मिरे हाथ की खुल जाओ किसी दिन


हिंदी की बिंदी लागे प्यारी, हिंदी हम सबकी दुलारी
हिंदी भाषा सबसे न्यारी, भारतीयों को है हिंदी प्यारी।


तू चाँद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा होता,
लोग तुम्हे दूर से देखते,
नज़दीक़ से देखने का हक़ बस हमारा होता.


चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था,
कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी……..!!!


हम आपकी हर चीज़ से प्यार कर लेंगे,
आपकी हर बात पर ऐतबार कर लेंगे,
बस एक बार कह दो कि तुम सिर्फ मेरे हो,
हम ज़िन्दगी भर आपका इंतज़ार कर लेंगे।


🌹💗🌹अदालत इश्क़ की होगी 🌹💗🌹
🌹💗🌹मुकदमा मुहब्बत पे चलेगा🌹💗
🌹💗🌹गवाही मेरा दिल देगा और🌹💗
🌹💗🌹मुजरिम तेरा प्यार होगा🌹💗🌹


अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो,
हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया करते हैं……..!!!


हँसाया जिसने रुलाना तो था ही उसे मुझको,

एक दिन इस इश्क में ये दिन दिखना तो था ही मुझको.


संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
इक धुंध से आना है इक धुंध में जाना है


तकलीफ ये नहीं की किस्मत ने मुझे धोखा दिया,
मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नही.


मैं लव हूँ पर मेरी बात तुम हो,
और मैं तब हूँ जब मेरे साथ तुम हो।


काँटों से गुजर जाता हूँ दामन को बचा कर,
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ।


वफ़ा के रंगों में रंगी है हर शाम आपके लिए,
हैं ये नज़र और हर सांस आपके लिए,
महकते रहो आप सदा फूलों की तरह,
है इस ज़िन्दगी की हर सुबह और हर शाम आपके लिए।


कुछ इश्क़ के ख़्वाब झूठे ही दिखा दे
कुछ दिल के ज़ज़्बात झूठे ही दिखा दे
बना दे मेरे दिल का फ़साना भी चाहत का
कुछ दिलो के अरमान झूठे ही दिखा दे


बदल जाओ वक्त के साथया फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसोहर हाल में चलना सीखो


हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो।


तुम पूछ लेना सुबह से, न यकीन हो तो शाम से
ये दिल धड़कता है तेरे ही नाम से।


काग़ज़ काग़ज़ हर्फ़ सजाया करता है,
तन्हाई में शहर बसाया करता है,
कैसा पागल शख्स है सारी-सारी रात,
दीवारों को दर्द सुनाया करता है,
रो देता है आप ही अपनी बातों पर,
और फिर खुद को आप हंसाया करता है।


तेरे इश्क में दीवानी हूँ
तू है समां मैं तेरी परवानी हूँ


हर कदम हर पल हम आपके साथ है,
भले ही आपसे दूर सही, लेकिन आपके पास हैं,
जिंदगी में हम कभी आपके हो या न हों,
लेकिन हमे आपकी कमी का हर पल एहसास हैं।


नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।


भुला के मुझको अगर तुम भी हो सलामत ,
तो भुला के तुझको संभालना मुझे भी आता है
नहीं हैं मेरी फितरत में ये आदत वरना ,
तेरी तरह बदलना मुझे भी आता हैं


फसलों से अगर जीना सीख सकते हो तुम
तो तुम्हे इजाजतहै हम से दूरियाँ करने की|


#हमे फिर 😍😍 सुहाना 😏 #नज़ारा 🤩🤩 मिला है, क्योंकि #जिंदगी 😉😉 में #साथ 💕💕 तुम्हारा 💑 #मिला है, अब #जिंदगी 🏯 में कोई 😥 #ख्वाइश 😌😌 नही रही, क्योंकि 😒😒 #हमे अब 😕 #तुम्हारी बाहों 🤗🤗 का #सहारा 💏 मिला है।💗💖💝💘


ढूंढ़ तो लेते अपने प्यार को हम,
शहर में भीड़ इतनी भी न थी,
पर रोक दी तलाश हमने,
क्योंकि वो खोये नहीं बदल गए थे।


नहीं जानते कुछ कि जाना कहाँ है
चले जा रहे हैं मगर जाने वाले|


“हर किसी को उतनी जगह दो दिल में जितनी वो आपको देता है, वरना या तो खुद रोओगे या वो आपको रुलायेगा !!”


#आज 😒😒 भी तेरे कदमो 🦶🏻 के #निशान रहते 😕😕 हैं,
, #क्योंकि हम 🙂🙂 इस रास्ते से किसी 🤨🤨 को #गुजरने नही 😎😎 देते हैं।💖💘💕💞


रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल
जब आंख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।


तुम पूछ लेना सुबह से,
न यकीन हो तो शाम से
ये दिल धड़कता है तेरे ही नाम से।


सरे बाज़ार निकलूं तो आवारगी की तोहमत,
तन्हाई में बैठूं तो इल्जाम-ए-मोहब्बत।


दिल की दहलीज पर यादों के दिए रखें हैं,
आज तक हम ने ये दरवाजे खुले रखे हैं।


तू तोड़ 😒😒 दे वो #कसम 💞💞 जो तूने 💑खाई है, कभी 🤔🤔 कभी #याद 😥😥करने में क्या 😕😕 #बुराई है, तुझे 😞😞 #याद किये #बिना 😒😒 रहा भी तो नही 😔😔जाता, तूने #दिल 💗💗 में जगह जो ऐसी 💑 बनाई है


मोहब्बत करनी आती है नफरतो का कोई ठौर नही,
बस तू ही तू है इस दिल मे दूसरा कोई और नही।


#हर 😊😊 पल #मोहब्बत 💕💕 करने का #वादा 🤗🤗 है आपसे, हर #पल 💑 साथ निभाने 💝💝 का #वादा 💖💖 है आपसे, कभी ये 😏😏 मत समझ न #हम 🥰🥰 आपको भूल 🤗🤗 जायेंगे, #जिंदगी भर 🙂🙂 साथ 💑 चलने का #वादा है 💞💞 आपसे।🧡💛


न जी भर के देखा न कुछ बात की,
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की।


नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।


ऐसा क्या बोलूं कि तेरे दिल को छू जाए,
ऐसी किससे दुआ मांगू कि तू मेरी हो जाए,
तुझे पाना नहीं तेरा हो जाना है मन्नत मेरी,
ऐसा क्या कर दूं कि ये मन्नत पूरी हो जाए।


इस नजर ने उस नजर से बात करली,
रहे खामोश मगर फिर भी बात करली,
जब मोहब्बत की फ़िज़ा को खुश पाया,
तो दोनों निगाहों ने रो रो कर बरसात करली।


करें हम दुश्मनी किससे, कोई दुश्मन नहीं अपना,
मोहब्बत ने नहीं छोड़ी, जगह दिल में अदावत की।


मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन,
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन,
सदियों सदियों वही तमाशा रस्ता रस्ता लम्बी खोज,
लेकिन जब हम मिल जाते हैं खो जाता है जाने कौन


ज़िन्दगी में किसी का साथ काफी है,
हाथों में किसी का हाथ काफी है,
दूर हो या पास फर्क नहीं पड़ता,
प्यार का तो बस अहसास ही काफी


तुमने जो दिल के अँधेरे में जलाया था कभी,
वो दिया आज भी सीने में जला रखा है,
देख आ कर दहकते हुए ज़ख्मों की बहार,
मैंने अब तक तेरे गुलशन को सजा रखा है।


हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर ज़रा भी जोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिए..
अगर हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई ओर होता..


मन कपडा नहीं फिर भी मैला हो जाता है ,
दिल कांच नहीं फिर भी टूट जाट है,
अजीब दस्तूर है ज़िन्दगी का,
रूठ कोई जाता है , टूट कोई जाता है.


पहली मोहब्बत के लिए दिल जिसे चुनता है.
वो अपना हो न हो…दिल पर राज हमेशा उसी का रहता है।


वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।


तुझे देख कर ये जहाँ रंगीन नजर आता है,
तेरे बिना दिल को चैन कहां आता है,
तू ही है मेरे इस दिल की धड़कन,
तेरे बिना ये जहां बेकार नज़र आता है।


नींद अपनी भुला के सुलाया हमको,
आँसू अपने गिरा के हँसाया हमको,
दर्द कभी न देना उन हस्तियों को,
खुदा ने माँ-बाप बनाया जिनको


हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो


वो करीब ही न आए तो इज़हार क्या आए तो इज़हार क्या करते |
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते ||
मर गए पर खुली रखी आंखें |
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते ||


तेरी यादों का ढोल बजते ही
दर्द दिल में धमाल करता है
फ़र्ज़ करो मै खो जाऊँ
यक़ीन दिलाने ढूंढोगे


दिल करता है आपके सारे ग़मों को खुशियों में तोल दूं, अपने दिल के सारे राज़ आपके सामने खोल दूं, मेरी जान कोई मुझसे पहले आपको न बोल दे, इसलिए एक दिन पहले ही आपको हैप्पी न्यू इयर बोल दूं


गम नही कि तुम बेवफा निकली,
मगर अफ़सोस इस बात का है,
वो सब लोग सच निकले,
जिनसे मैं तेरे लिए लड़ा था।


समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता।


अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने


इस #मोहब्बत की #किताब के, बस दो ही #सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे #आबाद हुए, कुछ हम जैसे #बरबाद हुए।


“ज़िंदगी में आपकी एहमियत
हम आपको बता नहीं सकते
दिल में आपकी जगह ..
हम आपको दिखा नहीं सकते
कुछ रिश्ते बोहत अनमोल होते है
इससे जयादा हम आपको समझा नहीं सकते ।”


प्यार हम उनको करते हैं।
जो हमारी फ़िकर करते हैं।
कदर हम उनकी करते हैं।
जो हमारी इज्ज़त करतें हैं।
जीते हैं हम उनके लिए।
जो हम पर मरते हैं।


मुझे उदास देख कर उसने कहा मेरे होते हुए तुम्हे कोई दुःख नहीं दे सकता ,
फिर कुछ ऐसा ही हुआ बाद में जितने भी दुःख मिले सब उसी के हुए


खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,
बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।


हमें हिंदी शायरी का शौक कहाँ
हम तो लिखते हैं फकत अन्दाज तेरे


हम वहां हैं जहां से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती


हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है


हमने तो चारो तरफ पढ़ाई का माहौल बनाया है,
लेकिन फिर भी एग्जाम में अंडा ही आया है,
हम तो यूँ ही चल देते हैं बिना मुंह धोये ही एग्जाम में,
साले दोस्त कहते हैं ये तो बहुत पड़के आया है।


अर्ज किया है…
खिड़की से झाँक के देखा तो रास्ते में कोई नहीं था,
खिड़की से झाँक के देखा तो रास्ते में कोई नहीं था,
वाह वाह… फिर रास्ते में जा कर देखा…
तो खिड़की पर कोई नहीं था।


मोहब्बत के चर्चे बहुत हैं यारों, हुस्न के पर्चे बहुत है यारों,
मोहब्बत करने से पहले सोच लेना, क्योंकि इसमें खर्चे बहुत है यारों।


अर्ज किया है…
वो तुम्हें Dp दिखाकर गुमराह करेगी,
मगर तुम आधार कार्ड पर अड़े रहना।


जिस की ख़ातिर मैं भुला बैठा था अपने आप को
अब उसी के भूल जाने का हुनर भी देखना


जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना,
क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता।


तू मोहब्बत नहीं इबादत है मेरी,
तू जरुरत नहीं जीने की आदत है मेरी,
बन गया हूँ तेरी यादों का कैदी,
अब तो बस तू ही जमानत है मेरी।


तुम्हारी खुशबू से महकती हैं वो ग़ज़ल भी,
जिसमें लिखता हूँ मैं कि तुम्हें भूल गया हूँ।


मोहब्बत की ये इप्तिदा चाहता है,
मेरा इश्क तुझसे वफ़ा चाहता है,
ये आँखों के दरिया नशीले-नशीले,
इन आँखों में दिल डूबना चाहता है।


फिज़ाओं से उलझकर एक हसीं ये राज़ जाना है,
जिसे कहते हैं मोहब्बत वो नशा ही कातिलाना है।


मोहब्बत‬ नही थी तो एक बार समझाया‬ तो होता…
बेचारा‬ दिल तुम्हारी ‪#‎ख़ामोशी‬ को ‪इश्क़‬ समझ बैठा..!!


रहना यूं तेरे खयालों मे.. ये मेरी आदत है,
कोई कहताइश्क… कोई कहता इबादत है-


इश्ककर लीजिए बेइंतेहा किताबो से..
एक यही ऐसी चीज़ है जो अपनी बातों से पलटा नही करती.


ऐइश्कमुझे अब और जख्म चाहिये…!!
मेरी शायरी मे अब वो बात नही रही…!!


ऐइश्कमुझे अब और जख्म चाहिये…!!
मेरी शायरी मे अब वो बात नही रही…!!


खतम हो गई कहानी, बस कुछ अलफाज बाकी हैं;
एक अधूरेइश्ककी एक मुकम्मल सी याद बाकी है।


इश्कहै वही जो हो एक तरफा;
इजहार हैइश्कतो ख्वाईश बन जाती है;
है अगरइश्कतो आँखों में दिखाओ;
जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।


जब जब मुझे लगा मै तेरे लिए ख़ास हूँ
तेरी बेरुखी ने ये समझा दिया मैं झूठी आस में हूँ


हजारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमां लेकिन फिर भी कम निकले


दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी हमारी याद आती है


आधे से कुछ ज्यादा है,
पूरे से कुछ कम…
कुछ जिंदगी… कुछ गम,
कुछ इश्क… कुछ हम…


इश्क़ है तो शक कैसा
अगर नहीं है तो फिर हक कैसा..?


इश्क में, मैं खुद को बेकसूर कहती थी पहले
भूल जाती हूँ कि इस दिल की भी तो शरारत थी कुछ…….


इश्क की गहराईयों में.. खूबसूरत क्या है..!!
एक मैं हूँ, एक तुम हो और ज़रुरत क्या है..!!


फूल इसलिये अच्छे कि खुश्बू का पैगाम देते हैं,
कांटे इसलिये अच्छे कि दामन थाम लेते हैं,
दोस्त इसलिये अच्छे कि वो मुझ पर जान देते हैं,
और दुश्मनों को मैं कैसे खराब कह दूं…
वो ही तो हैं जो महफिल में मेरा नाम लेते हैं


सारी गलती हम अपनी किस्मत की कैसे निकल दें,
कुछ साथ हमारा तेरी अमीरी ने भी तोडा है।


जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।


हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।


अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।


जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता,
मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता,
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता।


फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।


अब जानेमन तू तो नहीं,
शिकवा -ए-गम किससे कहें
या चुप हें या रो पड़ें,
किस्सा-ए-गम किससे कहें।


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।


लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।


सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।


जिंदगी शुरू होती है रिश्तों से,
रिश्ते शुरू होते है प्यार से,
प्यार शुरू होता है अपनों से,
और अपने शुरू होते है आप से…


सामने हो मंजिल तो कदम ना मोड़ना
जो दिल में हो वो खवाब ना तोडना
हर कदम पर मिलेगी कामयाबी आपको
सिर्फ सितारे छूने के लिए कभी जमी ना छोड़ना


वख्त बदलता है जिंदगी के साथ।
ज़िन्दगी बदलती है वख्त के साथ।
वख्त नही बदलता अपनो के साथ।
बस अपने ही बदल जाते है वख्त के साथ।


दर्द कि दूनियाँ में जीने के मोहताज थे
क्यूँ की दर्द निवारक दवा कोई हकीम के पास नहीं मिली


हर कर्ज मोहब्बत का अदा करेगा कौन,
जब हम नहीं होंगे तो वफ़ा करेगा कौन,
या रब मेरे मेहबूब को रखना तू सलामत,
वर्ना मेरे जीने की दुआ करेगा कौन?


लोग कहते है,
जिसे हद से ज्यादा प्यार करो,
वो प्यार की कदर नहीं करता!
पर सच तो यह है की,
प्यार की कदर जो भी करता है,
उसे कोई प्यार की नहीं करता!


आज बारिश मे तेरे संग नहाना है,
सपना ये मेरा कितना सुहाना है,
बारिश की बूंदे जो गिरे तेरे होठो पे,
उन्हे अपने होठो से उठाना है!!


यकीन नहीं तुझे अगर तो आज़मा के देख ले,
एक बार तू जरा मुस्कुरा के देख ले,
जो ना सोचा होगा तूने वो मिलेगा तुझको भी,
एक बार आपने कदमबढ़ा के देख ले


अगर खोजूँ तो कोई मुझे मिल ही जाएगा,
लेकिन तुम्हारी तरह मुझे कौन चाहेगा।


दिल में जो कुछ होता है वो कहा नही जाता, अब दर्द-ए-जुदाई सहा नही जाता, हो सके तो लौट आओ किसी बहाने से, अब मुझसे तुम्हारे बिन रहा नही जाता।


बदल जाओ वक्त के साथ
या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो
हर हाल में चलना सीखो

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