270 Sad Shayari

मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद


उलझने, दर्द, बेबसी और बदतर हालात…ऐ ‘ज़िन्दगी’ इसके सिवा कुछ ना दिया तूने..!!


मैंने इश्क से पूछा तेरे रास्ते मे इतनी मुश्किलें क्यों आतीं हैं, तो इश्क ने हंस कर जबाब दिया, इस दुनिया में लोग आसान चीजों की कदर नही करतें हैं।


इन्हीं रास्तों ने जिन पर मेरे साथ, तुम चले थे…
मुझे रोक के पूछा की तेरा, हमसफ़र कहाँ है…


ये भी अच्छा हुआ कि,
कुदरत ने रंगीन नही रखे ये आँसू,
वरना जिसके दामन में गिरते,
वो भी… बदनाम हो जाता….!!!


मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।


कभी कभी बहुत सताता है ये सवाल मुझे👱‍♀️❓,हम मिले ही क्यों थे👫जब हमें मिलना ही नहीं था💔…!!


किसी की चाहत मे तड़प के देखो तभी तो जानोगे के इंतेज़ार क्या होता है,
अगर प्यार बिना तड़पे मिल जाये तो कैसे जान पाओगे के
प्यार क्या होता है।


मेरी आँखो का हर आँसू, तेरे प्यार की निशानी है,
जो तू समझे तो मोती है, ना समझे तो पानी है…


करेगा जमाना भी हमारी कदर एक दिन,
देख लेना.. बस जरा वफ़ा की बुरी आदत छुट जाने दो…..!!!


सदियों से जागती इन आँखों को एक बार तो सुलाने आ जाओ,
माना की तुमको मुझसे मोहब्बत नहीं, नफरत ही जताने आ जाओ,
जिस मोड़ पर छोड़ गए तुम, मैं वही बैठा अब तक सोच रहा हूँ,
क्या भूल हुई जो बिछड़ गए, बस यही समझाने आ जाओ !!


फुर्सत मिले तो लौट आना⌚,मै🖕आज भी तेरे इंतज़ार में हूँ😢..!!


खुशियों ने मेरी ज़िन्दगी से किनारा कर लिया,
अब तो मेरे दिल मे दर्द ए तन्हाई ने सहारा कर लिया।


भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी, वक़्त की मार से…
देख तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हें, जी भर के रुला दिया…


ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी…..!!!


पहले जिंदगी छीन ली मुझसे…
अब मेरी मौत का भी वो फायदा उठाती है!
मेरी कब्र पे फूल चढाने के बहाने…
वो किसी और से मिलने आती है…


अब भी ताज़ा हैं ज़ख्म मेरे सीने में,
बिन तेरे क्या रखा है जीने में,
हम तो ज़िंदा हैं सिर्फ तेरा साथ पाने के लिए,
वरना वक़्त नहीं लगता ज़हर पीने में !!


दो आँखों में👁️👁️….दो ही आंसू💧💧….एक तेरे लिए एक तेरी खातिर👱….!!


इस जमाने मे सबका दर्द ए दिल नया होता है,
लेकिन सबका अपना अपना दर्द ए बयां जुदा होता है,
इस दर्द में कुछ लोग अश्कों के समंदर भी देतें हैं,
और कुछ लोगो की खुशियों में भी दर्द छुपा होता है।


लम्हा दर लम्हा साथ, उम्र बीत ज़ाने तक,
मोहब्बत वहीं हैं ज़ो चले, मौत आने तक…


मजबूरिया थी उनकी… और जुदा हम हुए,
तब भी कहते है वो… कि बेवफ़ा हम हुए……..!!!


हर धड़कन में एक राज होता है
बात को बताने का भी एक अंदाज होता है
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफाई की
तब तक हर किसी को अपने प्यार पर नाज होता है…!!


रास्ते खुद ही तबाही के निकाले थे हमनें,
कर दिया दिल अपना पत्थर के हवाले हमनें,
मालूम है क्या चीज़ है ये प्यार यारों,
अपने ही घर को जला कर देखें हैं उजाले हमनें !!


किसी👱‍♂️ने थोड़ा सा अपना वक़्त🕗दिया था मुझे…मैंने आजतक उसे इश्क़ समझ के सम्भाल रखा है💮…!!


जब तू याद आती है तेरी तस्बीर को सीने से लगा लेते हैं,
गम एक आग का दरिया है इसे हम मिटा लेते हैं,
महफिलों में कभी तेरा जिक्र हुआ करता है,
तब हम अपनी भीगी पलकों को झुका लिया करते हैं।


ज़िन्दगी की हर शाम, हसीन हो जाए…
अगर मेरी मोहब्बत मुझे, नसीब हो जाये…


संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया……!!!


मेरी हंसी में भी कई गम छिपे है
डरता हूँ बताने से…
कही सबका प्यार से भरोषा न उठ जाये!!


पहचान सका ना कोई मेरे दिल को,
ये दिल यूं ही नादां रह गया,
मुझे अफ़सोस नहीं इस बात का,
दुःख तो ये है कि मेरा दोस्त भी,
मुझसे अनजान रह गया … !!


तुम्हें क्या बताये इश्क़❤️में मिलता है दर्द😢क्या,मरहम💊भी पिघल जाते हैं ज़ख्म की गहराई देखकर.!!


नज़रों से भले ही दूर लेकिन कभी दिल दूर नही होने देंगे,
ये दिल आपको कभी याद न करे इसे कभी इतना मजबूर होने नही देंगे।


माना मौसम भी बदलते है मगर धीरे-धीरे,
तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है।


जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,
हर कीसी को अपनी पसंद पे नाझ होता है…..!!!


टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता
इश्क में मरीज को आराम नहीं आता
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता
के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता!


कुछ इस क़दर ठहर सी गयी है ये ज़िन्दगी,
कि अब तो सुबह का दर्द भी शाम को पुराना सा लगता है !!


कोई मुफ़्त🆓में दे तो भी मत लेना दिल❤️अभी और भी सस्ते होंगे…!!


उस बेवफा ने मेरा दिल शीशे की तरह तोड़ दिया,
इसलिए हमने अपनी ज़िन्दगी का रास्ता ही मोड़ लिया,
बस मोहब्बत की बात ही मत करना,
क्योंकि अब हमने मोहब्बत करना ही छोड़ दिया।


शुक्र करो कि हम दर्द सहते हैं, लिखते नहीं।
वरना कागजों पर लफ़्ज़ों के जनाज़े उठते।


हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ…..!!!


मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।


छोड़ दिया हमने तो यारों किस्मत की लकीरों पे भरोसा करना,
जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज़ है…!!


मुझ को ढुंढ🔎 लेता है नीत नये बहाने से…दर्द😓हो गया है वाकीफ़ मेरे हर ढिकाने🏢से…!!


तुम क्यों मुझे छोड़ गए ऐ बेवफा,
मेरा दिल क्यों तोड़ गए ऐ बेवफा,
चाहा था मैंने तो सिर्फ तेरा साथ,
इस भीड़ मे तन्हा क्यों कर गए ऐ बेवफा।


कैसे दूर करूँ ये उदासी, बता दे कोई,
लगा के सीने से काश, रुला दे कोई।


काश तुम मौत होती तो,
एक दिन मेरी जरूर होती……!!!


हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।


कुछ इस क़दर तोडा है ताल्लुक उसने,
एक मुद्दत से ढूंढ रहा हूँ गलती अपनी !!


इतना कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम, आजकल दिल❤️दुखाने भी नहीं आते🚶‍♂️…!!


तू मुझे छोड़ तो सकती है,
पर मुझे भुला नहीं सकती है।


दुनिया फ़रेब करके हुनरमंद हो गई…
हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गए…


ना इश्क़ हार मानता,
और ना ही दिल बात मानता,
क्यों नहीं तुम ही मान जाते……!!!


प्यार सभी को जीना सिखा देता है
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है,
प्यार नहीं किया तो कर के देख लो
यारों जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है..


टूटे हुए प्याले में ज़ाम नहीं आता,
मोहब्बत में किसी को भी आराम नहीं आता,
ए बेवफा मेरा दिल तोड़ने से पहले ये तो सोच लेती,
कि टूटा हुआ दिल किसी के भी काम नहीं आता !!


किस “जुर्म में छीनी गई “मुझसे मेरी हँसी😢…” मैने तो किसी का “दिल” दुखाया भी ना💘था…!!


जब से वो हमें जगा गए हम उम्र भर सो न सके,
जाने क्या कशिश थी उनमे,
किसी और को हम अपना बना न सके।


सुना था मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले,
हमारी बारी आई तो, रिवाज ही बदल गया।


गिनती में ज़रा कमज़ोर हुं,
ज़ख्म बेहिसाब ना दिया करो.…!!!


दुनिया बाले कहते हैं तू हर किसी का दिल जीत लेता है,
पर उन्हें क्या पता मैं अपना भी हार बैठा हूँ।


ये ना रोने की ना रुलाने की सज़ा है,
ये दर्द तो बस प्यार निभाने की सज़ा है,
हँसते हुए भी आँखों से निकल आते है कमबख्त आंसू,
ये तो उस बेवफा से दिल लगाने की सज़ा है !!


गिरते हुए आंसुओं की कीमत मत पूछना💧, हर बूंद में लाखों सवाल है❓…!!


तुम एक बार रूठ कर तो देखो,
हम जान भी दे देंगे तुम्हे मनाने के लिए।


जुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आजमाये गये,
जुल्म भी सहा हमने, और जालिम भी कहलाये गये!!


अगर रुक जाये मेरी धड़कन तो इसे मौत न समझना,
अक्सर ऐसा हुआ है तुझे याद करते करते….!!!


ज्यादा कुछ नहीं बदलता
जीवन में बस उम्र बढ़ने के साथ,
सिर्फ बचपन की जिद,
समझौते में बदल जाती है!!


सारी रात ना सोये हम,
रातों को बार-बार उठ कर बहुत रोए हम,
बस एक बार मेरा गुनाह तो बता दे ए मेरे ख़ुदा,
क्यों इतना प्यार करके भी उसके ना हुए हम.. !!


मेरे नसीब मे लिखी हुई उदासी को😓…चमकते दिन🌞मै ऊछाल दूँ तो शाम हो🌉ज़ाए…!!


कब तक दूरियां इख्तियार करोगे हमसे,
कभी तो मिलना पड़ेगा दूर जाकर हमसे,
क्यों तूने मुझसे आज नज़रे हैं चुराई,
हमे सज़ा दे अगर हो गयी है कोई भूल हमसे।


बिखरती रही जिंदगी बूँद-दर-बूँद,
मगर इश्क़ फिर भी प्यासा रहा।


मोत से पहेले भी एक मौत होती है,
देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से……!!!


उसे इश्क किसी और से भी हो गया था
और ये बात उसे भी बहुत सताती थी


मुझे यूं रुलाकर सोना तो तेरी आदत सी हो गयी है,
जिस दिन नहीं खुली अगर मेरी आँखें, तुझे नींद से दुश्मनी हो जाएगी !!


आख़री गुनाह तेरी “याद” थी…आज इस से भी “तोबा” कर ली😓 …!!


वो रोये मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिये,
कितना अच्छा होता उस वक्त मेरी ज़िंदगी में रो देते मुझे पाने के लिए।


लिखी है खुदा ने मोहब्बत सबकी तक़दीर में,
हमारी बारी आई तो स्याही ही ख़त्म हो गई!!


गुमान न कर अपनी खुश-नसीबी का
खुदा ने गर चाहा तो तुझे भी इश्क होगा……!!!


ज़माने में बस ये दो हादसे नही होते,
हम तुमसे जुदा, तुम हमारे नही होते।


आजा तेरे पैरों पे मरहम लगा दूँ,
कुछ चोट तो तुझे भी लग गयी होगी
मुझे ठोकर मारने के बाद !!


कुछ तो बदला जरूर है.. मैं, तुम👱‍♂️ या हमारा वक्त⏳…!!


हम तो अपने खुदा से बस इतनी दुआ करते है,
उन्हें सलामत रखना जो मेरे दिल मे रहतें हैं।


हमने उतार दिए सारे कर्ज तेरी मुहब्बत के,
अब हिसाब होगा तो सिर्फ तेरे दिए हुए जख्मों का।


ज़िन्दा है तो बस तेरी ही इश्क की रहेमत पर,
मर गए हम तो समझना तेरा प्यार कम पड़ा रहा था…..!!!


आइना कोई ऐसा बना दे, ऐ खुदा जो,
इंसान का चेहरा नहीं किरदार दिखा दे।


वो रात बेहद दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुख़्सत उसकी बरात होगी,
टूट जाती है मेरी नींद हमेशा ये सोचकर,
कि किसी और की बाहों में मेरी पूरी कायनात होगी !!


तू ही बता किस कोने में सुखाऊँ तेरी यादें… बरसात बाहर भी है…और भीतर भी💦…!!


तेरे न होने की मेरे दिल मे कमी खलती है,
बस मेरी आँखों मे तेरी यादों की नमी रहती है।


मैं अक्सर रात में यूं ही सड़क पर निकल आता हूँ,
यह सोचकर की कहीं ,चाँद को तन्हाई का अहसास न हो।


दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…….!!!


ये तो ज़मीन की फितरत है की,
वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना,
तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का,
अलग समंदर होता।


मेरे इस दर्द-ए-दिल को किसने देखा है,
मुझे बस मेरे रब ने तड़पते हुए देखा है,
मैं अक्सर तन्हाई में बैठा रोता हूँ,
और लोगों ने मुझे महफ़िलों में हँसते हुए देखा है !!


देखी है दरार आज आईने में ..पता नहीं शीशा टूटा हुआ था..या फिर मैं …💔!!


दूरियों को मिटा कर दिल मे मोहब्बत रखना,
मोहब्बत का रिश्ता यूँ ही बरकरार रखना,
अगर इत्तेफाक से हम आपसे बिछड़ जाएं,
तो मेरा इंतेज़ार अपनी आंखों में सजाएं रखना।


तन्हाई की चादर ओढ़कर रातों को नींद नहीं आती हमें,
गुजर जाती है हर रात किसी की बातों को याद करते करते।


बहुत अंदर तक तबाही मचा देता है,
वो अश्क जो आँख से बह नहीं पाता…..!!!


सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था! 😔


ये फैंसला था भगवान का,
या थी कोई साज़िश ज़माने की,
मैं दूर उनसे हो गया उतना ही,
जितनी हसरत थी दिल में मेरे उनके करीब आने की !!!


नींद भी नीलाम हो जाती हैं दिलों की महफ़िल में जनाब…किसी को भूल कर सो जाना इतना आसान नहीं होता…!!


हम तो तेरी यादों में यूं खो लेते हैं,
आंखों में आँसू आ जाएं तो रो लेते हैं,
आजकल नींद तो आती नही मेरी आँखों मे,
लेकिन तू ख्वाबों में आ जाये इसलिए सो लेते हैं।


आदत बदल सी गई है वक्त काटने की,
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की।


मैं उसकी ज़िंदगी से ​चला जाऊं यह उसकी दुआ थी,
और उसकी हर दुआ पूरी हो यह मेरी दुआ थी…..!!!


उन लम्हों की याद है जरा संभाल के
रखना, जो हमने साथ बिताए थे
क्योंकि
हम याद तो आएंगे मगर लौट कर नहीं!


एक शीशे ने एक पत्थर से मोहब्बत कर ली,
टकराकर उसने पत्थर से अपनी दुनिया चूर-चूर कर ली,
शीशे की दीवानगी तो देखो दुनियावालो,
उसने अपने हजारों टुकड़ों में भी पत्थर की तस्वीर भर ली !!


दफन हुई हैं इस दिल में कहानियाँ ऐसी ऐसी..बयां जो एक किस्सा कर दूँ तो सदमे से मर जाऐं सब..!!


टूटे हुए दिल को सम्भालना हमे आता है,
रूठे हुए दिल को मनाना हमे आता है,
वो न करें हमारी ज़िंदगी की फिक्र,
क्योंकि दर्द में भी मुस्कुराना हमे आता है।


अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना बना दिया,
भर गया दिल हमसे और मजबूरी का बहाना बना दिया।


ऐ खुदा…!!
तुजसे एक सवाल है मेरा,
उसके चहेरे क्यूँ नहीं बदलते,
जो इन्शान “बदल” जाते है.….!!!


अपनी यादों की खुसबू भी हमसे छीन लेंगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।


दर्द जो मेरे दिल में उठा है, उसपर दवा लगाने वाला कोई नहीं,
आग लगी है जो दिल में मेरे, उसे बुझाने वाला कोई नहीं,
किस से उम्मीद रखूँ मैं इस भरी दुनिया में,
हर किसी ने रुलाया मुझे इतना, कि हँसाने वाला कोई नहीं !!


बहुत नजदीक होकर भी वो इतना दूर है मुझसे
इशारा हो नहीं सकता और पुकारा भी नहीं जाता


एक धागे की बात रखने को.. मोम का रोम रोम जलता है…!!


हम से हमारी पहचान ले गए,
दिल के सारे अरमान ले गए,
न करना किसी से कभी मोहब्बत,
जान कहने वाले ही एक दिन जान ले गए।


लगा कर आग सीने में, चले हो तुम कहाँ,
अभी तो राख उड़ने दो, तमाशा और भी होगा।


छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना,
जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना….!!!


कुछ गैर ऐसे मिले जो मुझे अपना बना गए
कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए
दोनो का शुक्रिया दोनों जिंदगी जिना सीखा गए


छोड़ना तो चाहती हूँ
लेकिन उसे छोड़ नहीं पाती हूँ,
वो इंसान मेरी
बिगड़ी हुई आदत की तरह है … !!


तेरी झूठी दुआएं आखिर
काम कर रही हैं देख
दिल ने धड़कना बन्द कर
दिया पर साँसे चल रही है


रोज एक नई तकलीफ ….रोज नया गम ….ना जाने कब ऐलान होगा की मर गए हम…!!


किसी को याद करने से किसी का दीदार नही होता,
सिर्फ याद करना ही किसी से प्यार नही होता,
किसी की यादों में वे इन्तेहाँ हम भी तड़पटे हैं,
बस उसे हमारे जज़्बात का एहसास नही होता।


किस्मत की किताब तो खूब लिखी थी मेरी खुदा ने,
बस वही पन्ना गुम था जिसमें मुहब्बत का जिक्र था।


साथ छोडने वालो को तो बस.. ऐक बहाना चाहिए,
वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाझे तक साथ नही छोडते…..!!!


नहीं है कुछ भी मेरे दिल में सिवा उसके,
मैं उसे अगर भुला दूँ तो याद क्या रखूँ।


जब लबों पर उसके नाम मेरा आया होगा,
जाने खुदको उसने रुस्वाई से कैसे बचाया होगा,
सुनकर हाल दूसरों से मेरी बर्बादी का ,
क्या उसे अपना ज़ुल्म याद ना आया होगा ??


परखा बहुत गया मुझे
लेकिन समझा नहीं गया


थक गया दर्द भी, अपनी अदाकारी करते करते, ऐ खुशी 😅कभी तू भी अपना किरदार निभा दे…!!


वो अपने दर्द को रो-रोकर कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाईयो से अपना मुंह घूमाते रहे,
हमे ही दे दिया वेबफाई का खिताब,
क्योंकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।


ख्वाहिश तो न थी किसी से दिल लगाने की,
पर किस्मत में दर्द लिखा हो तो मुहब्बत कैसे ना होती।


जिंदगी तो उसकी है जिसकी मौत पे जमाना अफसोस करे,
वरना जनम तो हर किसी का मरने के लिए ही होता है….!!!


काश वो समझ पाते मेरे इस दिल की तड़प को,
तो मुझे यूं रुस्वा ना किया जाता,
ये बेरूखी भी उनकी मंजूर थी मुझे,
एक बार तो बस मुझे जो समझ उन्होंने लिया होता !!


वो शख्स मेरी हर कहानी, हर “किस्से” में आया
जो मेरा होकर भी, नहीं मेरे “हिस्से” में आया


हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बुरे बन गए है ताकि तुम्हें कोई झूठा ना कहदे…!!


कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता|


तू मुझे दिल से पुकारा न कर,
तू मुझे इतना रुलाया न कर,
ये मजबूरी है हमारी के तुझसे दूर हैं,
तू तन्हाईयो में इतना तड़पाया न कर।


शीशे में डूब कर, पीते रहे उस “जाम” को,
कोशिशें तो बहुत की मगर, भुला ना पाए एक “नाम” को।


पैसे के नशे में जब आदमी चूर होता है,
उसे लालच का हर फैसला मंजूर होता है…..!!!


सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे
मगर इस बार बेवफाई हम करेंगे


अच्छी सी कोई सज़ा दो हमें,
चाहो तो तुम रुला दो हमें,
तुम्हे अगर भूल जाऊँ तो मौत ही आ जाए हमें,
दिल की गहराई से अपने ये दुआ दो हमें !!


पिला दे आज खोल के सारे मयखाने की बोतलें
अगर गम-ए-यार भूल गये तो तेरा मयखाना ही खरीद लूँगा


और बातें छोड़ो बस इतना सुनो, तुम बिछड़ गए हम बिखर गए…!!


यु ही कभी किसी मोड़ से गुज़र जाएंगे,
लौटेंगे नहीं फिर कहीं निकल जाएंगे..
दिल कहता हैं ले चल कहीं..
किसी रोज़ ले ही जाएंगे.


जब ये दिल टूटता है तो दुख होता है,
करके इश्क ये दिल रोता है,
दर्द का एहसास तो तब होता है,
जिससे इश्क हो वो किसी और का होता है।


लगता है मैं भूल चुका हूँ, मुस्कुराने का हुनर,
कोशिश जब भी करता हूँ, आँसू निकल आते हैं..!


ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे,
किसी और से प्यार है,
मेरी मौत से पूछो,
अब उसे किस बात का इंतज़ार है…..!!!


कुछ हसरतें अधूरी ही रह जायें तो अच्छा है
पूरी हो जाने पर दिल खाली खाली सा हो जाता है


मेरे लिए उसके दिल में कोई चाहत ना थी,
किसी भी ख़ुशी के मौके पर कोई दावत ना थी,
मैंने दिल अपना उसके क़दमों पर रख दिया,
लेकिन उसे ज़मीं देखने की आदत ना थी !!


रूह में अब उतरता कौन है
भरोसा किसी पे करता कौन है
जान देने को अक्सर मोहब्बत में
कहते तो सभी हैं मरता कौन है


छीन लेता है हर चीज मुझसे….ए-खुदा, क्या तू भी इतना गरीब है…!!


छोड़ दिया यारो किस्मत की
लकीरों पर यकीन करना,
जब लोग बदल सकते हैं
तो किस्मत क्या चीज….


तेरी यादों की महक इन हवाओं में है,
तेरे प्यार की महक इन फ़िज़ाओं में है,
ऐसा न हो दर्द हद से गुजर जाए,
आजा तेरा इंतेज़ार मेरी निगाहों में है।


शायरी के लिए कुछ ख़ास नहीं चाहिए,
एक यार चाहिए और वो भी दगाबाज चाहिए।


मेरी सब कोशिशें नाकाम थी उनको मनाने कि,
कहाँ सीखीं है ज़ालिम ने अदाएं रूठ जाने कि….!!!


आपकी सुबह इतनी सुहानी हो जाये
दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जायें
दे जाये इतनी खुशियां यह नया दिन
कि खुशी भी आपकी दीवानी हो जाये.!


तुम मिलकर भी ना मिले,
तुम्हे पाकर भी ना पाया,
मैं तो यूं ही अधूरी रह गयी,
जब तुम्हारा साया मुझको नज़र नहीं आया !!


ज्यादा कुछ नहीं बदला उम्र बढ़ने के साथ
बचपन की ज़िद समझौतों में बदल जाती है


एक मुकम्मल ज़िन्दगी खराब कर दी तेरे अधूरे इश्क़ ने👨💔…!!


कलम उठाई है, लफ्ज नही मिलता,
जिसे ढूँढ रहा हूँ वो शक्स नही मिलता,
फिरते हो तुम जमाने की तलाश में,
बस हमारे लिए तुम्हें वक्त नही मिलता…


मेरी ज़िंदगी की सांस थम जाती है लेकिन मेरी जान नही जाती है,
मुझे दर्द वे इन्तेहाँ होता है लेकिन आवाज़ नही आती है,
इस दुनिया के अजीब दस्तूर हैं,
हम उन्हें भूल नही पाते और उन्हें हमारी याद नही आती है।


न जाने कौन सी साजिशों के हम शिकार हुए,
जितना साफ दिल रखा उतने ही हम दागदार हुए।


मैं मर भी जाऊ… तो उसे ख़बर भी ना होने देना,
मशरूफ़ सा शख्स है… कही उसका वक़्त बर्बाद ना हो जाये…!!!


लौट आया हूँ फिर शायरो की बस्ती में
अब कहो दिल का दर्द सुनाऊँ
या तेरी यादो की खुशबु फैलाऊँ…!!


तुम मिलकर भी ना मिले,
तुम्हे पाकर भी ना पाया,
मैं तो रह गयी अधूरी हूँ तुम्हारे बिना,
तुम्हारा साया जब मुझे नजर नहीं आया !


जरा सी चोट से शीशे की तरह टूट गया…दिल तो कमबख्त मेरा मुझसे भी बुजदिल निकला…!!


दुनिया को मेरी हकीकत पता नहीं
इल्जाम सैकड़ों लगाते है
और खता कुछ नहीं।


छोड दी हमने हमेशा के लिए
उसकी आरजू करना..
जिसे मोहब्बत की कदर ना हो
उसे दुआओं मे क्या मांगना !!!.


तेरे प्यार भरे लम्हो को अपने दिल पे लिखता हूँ,
मैं अपने कलम से लफ़्ज़ों को वेहिसाब लिखता हूँ,
कभी तो बेवफा हमारे लिए भी दुआ कर लिया करो,
क्योंकि मैं भी तो अपनी हर एक सांस पर तेरा नाम लिखता हूँ।


माफ़ी चाहता हूँ गुनेहगार हूँ तेरा ऐ दिल,
तुझे उसके हवाले किया जिसे तेरी कदर नहीं।


पढ़नेवाले की कमी है,
वरना…गिरते आँसू भी एक किताब है……!!!


नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में,
काश कि हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता।


दिल से अगर तुम मेरे पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो,
ये अलग बात है कि किस्मत हमारी दगा कर गयी !!


वक्त , मौसम और लोगों कि,एक ही फितरत होती है
✋✋
कब–? कौन–? और कहा,बदल जाये कुछ कहा नही जा सकता


तुम कहाँ लगा पाओगे अंदाजा मेरी तबाही का,
तुमने देखा ही कहाँ है मुझको शाम के बाद।


मरहम न सही एक जख्म ही दे दो हमको…महूसस तो हो के कोई हमें, भुला नहीं…!!


क्या खूब कहा है..
मैं इस काबिल तो नहीं कि कोई अपना
कहें मुझकों पर इतना यकीन है
मुझकों कोई तो अफसोस जरूर
करेगा मुझे खो देने के बाद!


जिंदगी कितनी खुबसूरत होती अगर तेरी चाहत अधूरी न होती,
कुछ उलझने कुछ मजबूरीयां होती, बेशक
मगर प्यार में इतनी दूरियां न होती।


तुझसे बिछड़ने के बाद मैंने कभी सुकून नही पाया,
तेरी यादों को अपने दिल से मिटा नही पाया,
करना तो बहुत कुछ चाहते थे अपने लिए,
तेरे ख्यालों में फुर्सत मैं निकाल नही पाया।


चले जायेंगे एक दिन, तुझे तेरे हाल पर छोड़कर…
कदर क्या होती हैं प्यार की, तुझे वक़्त ही सीखा देगा…


फिर कहीं से दर्द के सिक्के मिलेंगे​,​
ये हथेली आज फिर खुजला रही है​……..!!!


रख भरोसा खुद पर क्यों ढूंढता है तू “फरिश्ते”
पंछीओं के पास कहाँ होते हैं नक्शे,
फिर भी ढूंढ ही लेते है रास्ते


ना वो कभी आ सके और ना कभी हम जा सके,
ना दर्द अपने दिल का हम किसी को सुना सके,
बैठे हैं उनकी यादों में अब हम,
ना उन्होंने कभी याद किया और ना हम कभी उनको भुला सके !!


हमें कुछ यू रौंदा है दस्तूर-ए-ज़िन्दगी ने
कि खुद की परछाई को भी गैर समझ के डरते है


कोई ख्वाब था, बिखर गया, ख्याल था मिला नहीं,
मगर इस दिल को क्या हुआ ये क्यूँ बुझा पता नहीं,
तमाम दिन उदास दिन, तमाम शब उदासियाँ,
किसी से कोई बिछड़ गया, जैसे कुछ बचा नहीं।


कौन कहता है आईना झूठ नहीं बोलता वह सिर्फ होठो 💋की मुस्कान देखता है दिल का दर्द नहीं😢…!!


ऐसा नहीं कि वो मेरे शहर
आता नहीं है..
बात ये है कि अब वो मुझे..
बताता नहीं है।..


माना की मोहोब्बत के किस्से मशहूर होते है।
मगर दुनिया के भी कुछ अपने दस्तूर होते है।
दुनिया कायम है इसलिए की वो है पत्थर की।
जबकि शीशे कें दिल ही चकना चूर होते है..


मेरी आँखों मे बस एक ख्वाब याद रहता है,
सदियां बीत गई पर वो लम्हा याद रहता है,
तुझमें न जाने ऐसी क्या बात है,
मैं दुनिया भूल जाता हूँ बस तेरा चहरा याद याद रहता है।


खता उनकी भी नहीं है वो क्या करते,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते।


भरम है.. तो भरम ही रहने दो…. जानता हूं मोहोब्बत नहीं है,
पर जो भी है… कुछ देर तो रहने दो…!!!


एहसास बहुत होगा जब छोड़ के जाएंगे,
रोयेंगे बहुत मगर आँसू नहीं आएँगे,
जब साथ कोई ना दे तो आवाज हमें देना,
आसमान पर होंगे तो भी लौट के आएंगे।


मेरा दिल तुझ से मिलने की रब के आगे फरियाद करता है ,
तू कही भी रहे फिर भी मेरा दिल तुझे याद करता है।


दिल से रोया अपने पर अपने होंठों से मुस्कुरा बैठा,
यूँही मैं किसी गैर से वफ़ा निभा बैठा,
वो मुझे एक लम्हा भी ना दे पाए अपने प्यार का,
और मैं उस बेवफ़ा के लिए अपनी ज़िन्दगी गँवा बैठा |


ना जाने किस दरबार का चिराग़ हूँ
मैं जिसका दिल करता है जला के छोड़ देता है


आज फिर मैंने तेरे प्यार में कमी देखी,
चाँद की चाँदनी में भी कुछ नमी देखी,
उदास होकर लौट आए उस वक़्त हम,
जब तेरी महफ़िल गैरों से सजी देखी।


करलो एक बार याद मुझको…. हिचकियाँ आए भी ज़माना हो गया…!!


सिर्फ एक बार तो आ जाओं
हमारे दिल में अपनी मोहब्बत को देखने,
वादा करते है आपसे
फिर लौटने का इरादा हम
आप पर छोड़ देंगे।


इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं।


तेरे हमनशीं चेहरे पे मर गए हम,
इस इश्क में हद से गुज़र गए हम,
जो तूने इश्क में मुझको धोखा दिया,
तेरे गम में खुद पे कितने सितम कर गए हम।


बहुत मासूम होते है ये आँसू भी,
ये गिरते उनके लिए है, जिन्हें परवाह नहीं होती।


जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है….!!!


जिस दिन से वो हम से जुदा हुआ है
हमारे दिल को दर्द बड़ा हुआ है।


सोचा था दर्द-ए-दिल,
बताऊंगा तुझको अपना,
लेकिन तूने तो ये भी नहीं पूछा,
कि क्यों खामोश हूँ मैं..


सांसों के सिलसिले को ना दो ज़िन्दगी का नाम
जीने के बावजूद भी, मर जाते हैं कुछ लोग


मिले तो हजारों लोग थे ज़िंदगी में यारों,
वो सबसे अलग था जो किस्मत में नहीं था।


जिसे शिद्दत से चाहो, वो मुद्दत से मिलता है🕒..बस मुद्दत से ही नहीं मिला कोई शिद्दत से चाहने वाला ..!!


क्या बात है! आज-कल
जरा-जरा सी बात पर
तकरार करने लगे हो..
लगता है मुझसे बेइंतहा
प्यार करने लगे हो..


सिर्फ इतना ही कहा है, प्यार है तुमसे,
जज्बातों की कोई नुमाईश नहीं की,
प्यार के बदले सिर्फ प्यार मांगती हूँ,
रिश्ते की तो कोई गुज़ारिश ही नहीं की..


जब वो याद हद से ज़्यादा आने लगते हैं,
तो सारे दर्द मेरे धुंधले पड़ने लगते हैं,
तड़पती है मेरी ज़िन्दगी उनकी पनाहों में,
और मेरे सांसों के दायरे सिमटने लगते हैं।


रात तकती रही आँखो में, दिल आरजू करता रहा,
कोई बे-सबर रोता रहा, कोई बे-खबर सोता रहा..!!


मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…..!!!


आज हमने जाना सच्ची चाहत होती है बदनाम
हमें नहीं था कुछ पता हम थे कितने नादान


जिन्हे पता है कि अकेलापन क्या तकलीफ़ देता है,
वो लोग अक्सर औरों के लिए मौज़ूद रहते हैं


इस दुनिया के लोग भी कितने अज़ीब हैं
सारे खिलौने छोड़ कर जज़्बातों से खेलते हैं


न सर-ए-बाजार देखूँगा न उसको तन्हा सोचूंगा,
उसे कहना कि लौट आये मोहब्बत छोड़ दी मैंने।


अधूरी कहानी💔पर खामोश लबों का पहरा है… चोट रुह की है इसलिए दर्द जरा गहरा है…!!


यह जरूरी तो नहीं कि कोई बात
ही जाए.. बात न होना भी बहुत चुभता
है कभी-कभी..


तेरे इंतज़ार में यह नज़रें झुकी हैं,
तेरा दीदार करने की चाह जगी है,
न जानूँ तेरा नाम, न तेरा पता,
फिर भी न जाने क्यों इस पागल दिल में एक अज़ब सी बेचैनी जगी है..


यारों किसी से दिल न लगाना ये दिल टूट जाता है,
ये तन्हाईयो की महफ़िल में जाकर हर किसी से रूठ जाता है।


कल रात का आलम इस कदर था यारो,
उसकी यादों ने मेरी आँखो को सोने ना दिया!!


ख़बरदार दुबारा मोहब्बत न करना,
जरुरी नहीं हर बार खुदकुशी की कोशिश करके जिन्दा बच जाओगे….!!!


लगता नहीं दिल आपके बिना,
फिर भी हम दिल को समझा लेते हैं।
हमें जब भी आपकी याद आती है,
हम चोरी-चुपके आसँ वहा लेते हैं।


जो रिश्ते दिल में बसते हैं,
बस वो ही लम्बे चला करते हैं,
नज़रों में बसने वाले,
हर दिन बदला करते हैं।


तिनका तिनका तूफान में बिखरते चले गये
तनहायी की गहराईयो में उतरते चले गये
उड़ते थे जिनके सहारे आसमांन में हम
एक एक करके सब बिछड़ते चले गये


आज ना पूछो मुझसे मेरी उदासी का सबब,
बस सीने से लगा कर मुझे रूला दे कोई।


आदत उनकी अब कुछ इस तरह हो गयी.. अब उनकी बेरुखी😔से भी
मोहब्बत🧡हो गई…!!


मुझे दूरियां अच्छी लग रहीं है
आज-कल
जबरदस्ती के प्यार से.!


तेरी चाहत में हम ज़माना भूल गये,
किसी और को हम अपनाना भूल गये,
तुम से मोहब्बत हैं बताया सारे जहाँ को,
बस एक तुझे ही बताना भूल गये..


कौन कहता है मोहब्बत में सब कुछ छिन जाता है,
एक दर्द का तोहफा अधूरे प्यार करने वाले को मिल जाता है।


कत्ल हुआ हमारा इस तरह किस्तों में,
कभी खंजर बदल गए, कभी कातिल बदल गए।


इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही… पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे.…!!!


नफ़रत करना तो कभी सीखा ही नहीं जनाब,
हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर !!


दर्द के पल कब मुझपर आसान बने,
जो दर्द बह ना पाए इन आँखों से,
वो सब तूफां बने।


गम ने हसने न दिया,ज़माने ने रोने न दिया
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया
थक के जब सितारों से पनाह ली
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया


आज तक है उसके लौट आने की उम्मीद,
आज तक ठहरी है ज़िन्दगी अपनी जगह,
लाख ये चाहा कि उसे भूल जायें पर,
हौंसले अपनी जगह बेबसी अपनी जगह।


अपने असूल कुछ ऐसे भी तोड़ने पड़े मुझे…. जहाँ मेरी गलती नही थी वहाँ भी हाथ जोड़ने🙏पड़े मुझे …. !!


बड़ी लम्बी बात करनी है तुमसे
जब आना मेरे पास तो पूरी जिन्दगी
लेके आना….


जब कोई आपकी नाराजगी की
परवाह करना छोड़ दे,

तब समझ जाओ की मोहब्बत
ख़तम और मज़बूरी शुरू ..


हम तो तेरे शहर तेरी गलियों से भी नहीं गुज़रा करते,
हमे पता होता मोहब्बत में इतने दर्द हैं, तो हम मोहब्बत कभी नही करते।


रहेगा किस्मत से यही गिला ज़िंदगी भर,
जिसको पल-पल चाहा उसी को पल-पल तरसे!!


वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है,
इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए…..!!!


आपकी यादों को दिल से हम भूला नहीं सकते
हम आपको सिवा किसी और को चाह नहीं सकते।


दर्द का एहसास समझना है तो प्यार करके तो देखो,
अपनी नज़रों में किसी को उतार कर तो देखो,
जब चोट लगेगी तो खुद-ब-खुद बहने लगेंगे तुम्हारी आँखों से आंसू,
यह एहसास आजमाना है तो अपना दिल हार कर देखो…


टूटे हुए दिल वालौ को आज कौन पूछता हैं
सभी व्यस्त हैं नयें नयें दिल के रिश्ते जोड़ने में


मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है,
बिखरता फूल हूँ मुझको हवा से चोट लगती है,
मेरी आँखों में आँसू की तरह इक रात आ जाओ,
तकल्लुफ़ से, बनावट से, अदा से चोट लगती है।


तुमसे अच्छा तो हम चाँद🎑 से मोहब्बत🧡कर लेते लाख दूर सही पर नज़र👁️तो आता है…!!


क्या खूब कहा है..
हम तो गुजरे इश्क की गलियों से
और समझदार हो गए
कुछ यहां गालिब हो गये
तो कुछ गुलजार हो गए


नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली,
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली,
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा,
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली..


इस दुनिया मे कौन अपना है कौन बेगाना है,
ये तो दोस्तों आज हमने मोहब्बत करके जाना है।


दर्द मुझको ढूंढ लेता है, रोज नए बहाने से,
वो हो गया वाकिफ़, मेरे हर ठिकाने से।


इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं…!!!


उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था,
अपना भी नही बनाया और किसी और का भी ना होने दिया।


डूब जाऊँगा मैं किसी साँझ सूरज की तरह,

और तुम देखती रह जाओगी किनारों को बस यूँही…


यादों के गुलशन मे गम के कांटे मिला करते हैं
दिल की धड़कनों मे दर्द ए सैलाब बहा करते हैं


तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से,
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।


धागे बड़े कमजोर चुने थे मैंने….उम्र गाँठ बांधने में निकल गयी.…!!


किसी दिन फुर्सत मिले तो कभी
बैठकर सोचना जरा! कि मैं ही तुम्हें
अपना समझता हूं या कि तुम भी मुझे
अपना समझते हो!


तेरे दिए ज़ख्मो को दिल पे सज़ा के रखते हैं,
ऐ बेवफा तुझे रात दिन हम याद करतें हैं,
अजनबी से चेहरे भी अपने से लगने लगतें है,
जब भी तेरे शहर से होकर गुजर ने लगतें हैं।


समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया उसने,
वो कहता तो सही… किनारे पर ही डूब जाते हम…..!!!


“तेरी मोहब्बत को कभी खेल नहीं समझा,
वरना खेल तो इतने खेले है मैंने कि कभी भी हारा नहीं”


मोहब्बत लिखनी चाही तो कलम ही टूट गई,

ये बोलकर अगर लिखने से मोहब्बत मिलती,

तो आज अपने प्यार से जुदा होकर कोई बिखरता नहीं !!


लोग कहते थे मेरा दिल पत्थर का है
यकीन मानिये कुछ लोग उसे भी तोड़ गए


मत चाहो किसी को इतना टूटकर ज़िन्दगी में,
अगर बिछड़ गये तो हर एक अदा तंग करेगी।


वादा किया था की लौटकर जरूर आऊंगी…पर क्या करु इस बेनाम सी जिन्दगी ने कभी मौका ही नही दिया…!!


क्या खूब कहा है ..
खामोशी पसंद है मुझे
बस इतना ही कहा था उसने
मैंने भी शोर करती हुई
अपनी दिल की धड़कने रो ली!


इंतजार उसका जिसके आने की कोई आस हो,
खुश्बू भी उस फूल की जो मेरे पास हो,
मंज़िल ना मिल सकी हमे तो कोई बात नही,
गम भी उसी शख्स का होता है जिसे प्यार का एहसास हो..


ऐ बेवफा मेरे हालात को समझ,
मेरे दिल के जज़्बात को समझ,
तू क्यों नही समझता मेरे दिल को,
मेरे दिल पे लिखा है क्या,
उस इश्क की किताब को तो समझ।


उसे ये कोन बतलाये… उसे ये कोन समझाए कि,
खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है….!!!


होता है जिस जगह मेरी बरबादियों का जिक्र,
तेरा भी नाम लेती है दुनिया कभी कभी।


इतना भी ना तड़पा मुझे ऐ ज़िन्दगी,
.
.
मोहब्बत ही की थी किसी का क़त्ल तो नहीं…


टुटा हो दिल तो दुःख होता हैं
कर के मोहब्बत दिल रोता हैं
दर्द का एहसास तब होता हैं
जब आपकी मोहब्बत के दिल में कोई और होता हैं


खोया इतना कुछ कि हमें पाना न आया,
प्यार कर तो लिया पर जताना न आया,
आ गए तुम इस दिल में पहली नज़र में,
बस हमें आपके दिल में समाना ना आया।


खुदगर्जों की इस बस्ती में अहसान भी , एक गुनाह हैं…जिसे तैरना सिखाओ, वही डुबोने को तैयार खड़ा है….!!


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से..


दिलों की बस्ती एक बार टूट जाती है तो वो उजड़ जाती है,
मोहब्बत की कश्ती जब तूफान में फंस जाती है तो वो मिट
जाती है।

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