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  • तू मोहब्बत नहीं इबादत है मेरी,
    तू जरुरत नहीं जीने की आदत है मेरी,
    बन गया हूँ तेरी यादों का कैदी,
    अब तो बस तू ही जमानत है मेरी।
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