Read, Record and ShareClose
  • बंदे हैं हम देश के,
    हम पर किसका ज़ोर?
    मकर संक्रान्ति में उड़े,
    पतंगे चारो और
    लंच में खाएं फिरनी गोल,
    अपना मांझा खुद सूतने,
    आज हम चले छत की और,
    हैप्पी मकर सक्रांति
  • Click on Mic to record