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  • उतना हसीन फिर कोई लम्हा नहीं मिला,
    तेरे जाने के बाद कोई भी तुझ सा नहीं मिला,
    सोचा करूँ मैं एक दिन खुद से ही गुफ्तगू,
    लेकिन कभी मैं खुद को तन्हा नहीं मिला।
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