103 Miss You Shayari

अब तलक ये समझ न पाए हम ग़म तिरा क्यूँ ख़रीद लाये हम
इक हवेली थी मोम की अपनी छत पे सूरज उतार लाये हम


तेरी यादों को पसंद आ गई है
मेरी आंखों की नमी
हंसना चाहु तो रूला देती है तेरी कमी…


हर रोज हर वक्त तेरा ही तेरा ख्याल,
ना जाने कौन से कर्ज की किश्त हो तुम।


रोज तेरा इंतजार होता है रोज यह दिल बेकरार होता है…
काश के तुम समझ सकते कि चुप रहने वालों को भी प्यार होता है


हर एक पहलू तेरा मेरे दिल में आबाद हो जाये,
तुझे मैं इस क़दर देखूं मुझे तू याद हो जाये।


ऐ खुदा मोहब्बत में क्या कसूर होता है,
चाहत के रास्ते पर इतना गम क्यों होता है,
बिरह की याद में सारे आंसू ख़तम हो जाये फिर भी,
जिसे हम चाहे वही इतना दूर क्यों होता है।


उसकी याद आई है साँसों जरा अहिस्ता चलो,
धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है।


याद करता है कोई मुझे शिद्दत से,
जाता क्यों नही मेरा ये वहम मुद्दत से।


काश मुझे भी सिखा देते तुम भूल जाने का हुनर, मैं थक गई हूं हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते…


कभी उनकी याद आती है
कभी उनके ख्व़ाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके…
तो उन्हें बेहिसाब आते हैं…


ये साल अगर इतनी मोहलत दिलवा जाए तो अच्छा हैं,
ये साल अगर हमको हमसे मिलवा जाए तो अच्छा हैं।
चाहे दिल की बंजर धरती सागर भर आंसू पी जाए
ये साल मगर कुछ फूल नए खिलवा जाए तो अच्छा हैं।


Dil ke sagar me lehre uthaya na karo,
khwab bankar neend churaya na karo,
bahot chot lagti hai mere dil ko,
tum khwabo mein aa kar yu tadpaya na karo..


हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते


जाने किस बात की मुझको सज़ा देता है..,
मेरी हस्ती हुई आँखों को रुला देता है. |
एक मुद्दत से खबर भी नही तेरी,
कोई इस तरह भी क्या अपने प्यार को भुला देता है


उनसे मिलने को जो सोचो अब वो जमाना नही,
घर भी केसे जाऊ अब तो कोई बहाना नही,
मुझे याद रखना खी तुम भुला न देना ,
माना के बरसो से तेरी गली में आना-जाना नही |


वो जो दो पल थे तुम्हारी और मेरी मुस्कान के बीच बस वहीँ कहीं इश्क़ ने जगह बना ली


जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह
जान लिया हमने…,
लोग तो तब याद करते हैं जब वह खुद
अकेले हों…!!!


मुझे कुछ भी नहीं कहना इतनी सी गुजारिश है,
बस उतनी बार मिल जाओ जितना याद आते हो।


कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।


कुछ हसरतें अधूरी ही रह जायें तो अच्छा है
पूरी हो जाने पर दिल खाली खाली सा हो जाता है


तु बिलकुल चांद की तरह है!
ए सनम…
नूर भी उतना ही,
गुरुर भी उतना ही,
और दूर भी उतना ही… 🙁


बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे,
आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया।


प्यार करो तो मुस्कुरा के,
किसी को धोखा न देना अपना बना के,
कर लो याद जब तक हम जिंदा हैं,
वर्ना ये मत कहना,
छोड़ गये दिल में यादे बसा के।


कुछ खूबसूरत पलों की महक सी हैं तेरी यादें,
सुकून ये भी है कि ये कभी मुरझाती नहीं।


नहीं कोई जरुरत याद रखने की हमे..
हम खुद ही याद आएँगे जहाँ जिक्र ऐ वफ़ा होगा।


सिर्फ चेहरे की उदासी से
भर आए तेरी आंखों में आंसू,
मेरे दिल का क्या आलम है
यह तो तू अभी जानता नहीं!


बहुत याद आते हो …………..”तुम”
दुआ करो मेरी याददाश्त चली जाये….!


आज फिर मुमकिन नही कि, मैं सो जाऊँ;
यादें फिर बहुत आ रही हैं, नींदें उड़ाने वाली!


हम चाहे जहाँ भी हैं पर अभी भी तुम्हारी यादों में हैं,
जो बीत रही है तनहा उन तमाम रातों में हैं,
यहाँ वहाँ मुड़कर ना ढूंढो हमें,
बनकर नशा अभी भी हम तुम्हारी आँखों में हैं।


अब उदास होना भी अच्छा लगता है,
किसी का पास न होना भी अच्छा लगता है,
मैं दूर रह कर भी किसी की यादों में हूँ,
ये एहसास होना भी अच्छा लगता है।


यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए,
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए,
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं,
बस दिलों मे प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए! ?


रात हुई जब शाम के बाद!
तेरी याद आई हर बात के बाद!
हमने खामोश रहकर भी देखा!
तेरी आवाज़ आई हर सांस के बाद!


खूबसूरत है ज़िन्दगी एक ख्वाब की तरह,
जाने कब टूट जाये कांच की तरह,
मुझे न भूलना किसी बात की तरह,
अपने दिल में ही रखना खूबसूरत याद की तरह!


एक तन्हा रात में तुम्हारी याद आ गयी,
याद भुलाने के लिए हमने एक शमां जला दी,
क्या कायनात दिखा दी उस शमां ने हमको,
उसके उठते धुएं ने तुम्हारी तस्वीर ही बना दी…


दिल में आप हो और कोई ख़ास कैसे होगा,
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा,
हिचकियाँ कहती है आप याद करते हो,
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा।


गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने ?के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके। ? ?


जब रात तुम्हारी याद आती है,
दूर चाँद में तुम्हारी सूरत नज़र आती है,
ढूँढ़ते हैं हम तुम्हे रात भर अपने आस पास,
ऐसे ही तनहा हर रात गुज़र जाती है


ये तो ज़मीन की फितरत है की,
वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना,
तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का,
अलग समंदर होता।


कितनी हसीन हो जाती है उस वक़्त दुनिया,
जब अपना कोई कहता है तुम याद आ रहे हो।


तू देख सकता काश रात के पहरे में मुझको,
कितनी बेदर्दी से तेरी याद मेरी नींद चुरा लेती है।


तुझे भूलने की कोशिशें कभी कामयाब न हो सकें,
तेरी याद शाख-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गयी।


काश मुझे भी
सिखा देते तुम
भूल जाने का हुनर,
मैं थक गई हूं
हर लम्हा हर सांस
तुम्हें
याद करते करते…


वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी।


सोचता हूँ कि अपने सारे अरमान भेज दूँ,
दुआओं में अपनी तुम्हारा नाम भेज दूँ,
दिन खिला और दिल को तुम याद आये,
तो सोचा कि प्यारा सा सलाम भेज दूँ।


तुम्हारी याद मुझे बेचैन कर जाती है ,
हर तरफ मुझे बस तुम्हारी ही सूरत नज़र आती है ,
जाने कैसा पागल कर दिया है मुझे तुम्हारी मोहब्बत ने ,
अगर कभी नींद आती है तो आँखें रूठ जाती हैं।


तेरी यादो की नौकरी में गजल की पगार मिलती हैं,
खर्च हो जाते हैं झूठे वादे वफ़ा कहाँ उधार मिलती हैं।
कभी कभी के तस्सवुर से ये दिल नहीं भरता,
मेरे ख्यालों में आओ तो बार-बार आया करो।
यूं ही गुज़र जाते हैं मीठे लम्हे मुसाफिरों की तरह..
और यादें वहीं खडी रह जाती हैं रूके रास्तों की तरह। ?


बंद रखते हैं जबान लब खोला नहीं करते ,
चाँद के सामने सितारे बोला नहीं करते ,
बहुत याद करते हैं हम आपको लेकिन ,
अपना ये राज़ होंठों से खोला नहीं करते ।


जब रात तुम्हारी याद आती है,
दूर चाँद में तुम्हारी सूरत नज़र आती है,
ढूँढ़ते हैं हम तुम्हे रात भर अपने आस पास,
ऐसे ही तनहा हर रात गुज़र जाती है


खुशबू की तरह आया वो तेज हवाओं में,
माँगा था जिसे हमने दिन रात दुआओं में,
तुम छत पे नहीं आये मैं घर से नहीं निकला,
ये चाँद बहुत भटका सावन की घटाओं में।


हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है,
शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है
कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम,
और एक वो है, जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है.


तेरी यादें भी मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं,
तन्हा होता हूँ तो इन्हें लेकर बैठ जाता हूँ


कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।


सुनो तुम अपनी यादो को समझा लो जरा
मुझे तंग करती हैं एक कर्जदार की तरह।


सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको,
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको,
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा,
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको


रोज तेरा इंतजार होता है
रोज यह दिल बेकरार होता
है…
काश के तुम समझ सकते
कि चुप रहने वालों को भी
प्यार होता है


याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।


माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही,
पर ये सच है के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,
उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही.. ?


दिल की हालत किसी से कही नहीं जाती,
हमसे उनकी चाहत छुपाई नहीं जाती,
बस एक याद बची है उनके चले जाने के बाद,
वो याद भी दिल से मिटायी नहीं जाती।


Miss करने के बहाने ही गलियों से चल जाया करो.
बात ना सही पर एक नजर ही देख लिया करो.


वो तो हमे याद नहीं करते है.
मगर हम उन्हें याद करते ही रहते है.
उसे याद करके रोज.
उसके घर के पास से गुजरते रहते है.


तू याद करे ना करे मेरी खुशी
हम तो तुझे याद करते रहते हैं ।
तुझे देखने को दिल तरसता हैं
हम तो इंतेज़ार करते रहते हैं ।


नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,
मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले..!!


सिर्फ़ आवाज़ और लफ़्ज ही नहीं !
मेरी ख़ामोशी भी तुम्हे बुलाती है !!


कुछ गैर ऐसे मिले जो मुझे अपना बना गए
कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए
दोनो का शुक्रिया दोनों जिंदगी जिना सीखा गए


हर कदम हर पल साथ हैं,
दूर होकर भी हम आपके पास हैं,
आपका हो न हो पर हमें आपकी कसम,
आपकी कमी का हर पल अहसास है.


ख़ुदा करे कि इस दिल की आवाज़ में
इतना असर हो जाए,
जिसकी याद में तड़प रहे हैं हम
उसे ख़बर हो जाए…


अपनी यादों की खुसबू भी हमसे छीन लेंगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।


आपकी याद सताए तो दिल क्या करे,
याद दिल से ना जाए तो दिल क्या करे,
सोचा था सपनों में मुलाकात होगी,
पर नींद ही ना आए… तो हम क्या करें!


न मिले किसी का साथ तो हमें याद करना,
तन्हाई महसूस हो तो हमें याद करना,
खुशियाँ बाटने के लियें दोस्त हजारो रखना,
जब ग़म बांटना हो तो हमें याद करना।


अहसास मिटा,तलाश मिटी, मिट गई उम्मीदें भी,
सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी।


वो क्या जाने, यादों की कीमत,
जो ख़ुद यादों को मिटा दिया करते हैं,
यादो का मतलब तो उनसे पूछो जो,
यादों के सहारे जिया करते हैं।


वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है
खुवाबों में दास्ताँ पुरानी भेज देती है
कितने मीठे है उसकी यादों के मंजर
कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है


किसी को क्या बताये की
कितने मजबूर है हम..!!
चाहा था सिर्फ एक तुमको और
अब तुम से ही दूर है हम..!!


अखबार तो रोज़ आता है घर में,
बस अपनों की ख़बर नहीं आती.


याद अब सिर्फ तेरा ही आ रहा है.
लगता है तेरा प्यार का नशा चढ़ रहा है.


ना तस्वीर है उसकी जो दीदार किया जाए
ना पास है वो जो उससे प्यार किया जाऐ
ये कैसा दर्द दिया उस बेदर्द ने। ना उससे
कुछ कहा जाए ना उसके बिन रहा जाऐ ।


“सिसकियाँ लेता है वजूद मेरा गालिब,
नोंच नोंच कर खा गई तेरी याद मुझे।”


कुछ ऐसी प्यास थी मेरे लबों के दरमियाँ !
मैं ओढ़ कर संमुदर साहिल पे सो गई !!


लफ्ज़ ही तो हैं……
थोड़े खर्च कर लो सबसे मीठे बोल बोलकर,
ऐसे भी एक दिन खामोश तो हो ही जाना है।


इंतजार उसका जिसके आने की कोई आस हो,
खुश्बू भी उस फूल की जो मेरे पास हो,
मंज़िल ना मिल सकी हमे तो कोई बात नही,
गम भी उसी शख्स का होता है जिसे प्यार का एहसास हो।


कुछ तस्वीर बाकी हैं अभी तक तेरी यादों की,
ये दिल खाली नहीं किसी और के लिए,
चाहा तो बहुत मिटा दूँ इन तस्वीरों को,
पर मुमकिन नहीं ये इस आदमी के लिए…


फिर उसकी याद, फिर उसकी आस, फिर उसकी बातें,
ऐ दिल लगता है तुझे तड़पने का बहुत शौक है।


तेरी यादों को पसंद आ गई है मेरी आंखों की नमी
हंसना चाहु तो रूला देती है तेरी कमी…


हम वो नही जो मतलब से याद करते है,
हम वो है जो रिश्तों से प्यार करते है,
आपका पैगाम आये या ना आये,
हम रोज आपको दिल से याद करते है। ?


नहीं है कुछ भी मेरे दिल में सिवा उसके,
मैं उसे अगर भुला दूँ तो याद क्या रखूँ।


बहुत ही याद आता है मेरे दिल को तड़पाता है,
वो तेरा पास न होना मुझ को बहुत रुलाता है।


देख कर तुम्हारी हसी हम होश अपने हवान बैठे
देख कर तुम्हारी हसी हम होश अपने हवान बैठे
होश में आने को हिते की तुम फिर से मुस्कुरा बैठे


मंजर भी बेनूर था और
फिजायें भी बेरंग थीं
बस फिर तुम याद आये
और मौसम सुहाना हो गया


“जनाजा उठा है, आज कसमों का मेरी,
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है ।”


मुक़म्मल न हुई, पर प्रीत तोसे पिया मैने जीवन भर निभाई!
प्रेम केवल मिलन में नहीं होता; विरह में भी सजता और निखरता।


Miss करते है तुमको बहुत ज्यादा.
तुम्हारे बिना जिंदगी है हमारी बिल्कुल आधा.


कभी आंसू तो कभी मुस्कान आ जाती है
जब तेरी याद मेरे दिल के मकान आ जाती है
ये इश्क है तेरा या दिल की नादानी
हर लम्हा तेरी याद आ जाती है


यूँ दूरियों की आग में सुलगती है जाँ छुटता नही है दिल से तेरी याद का धुआँ |


तुम्हारी यादों में बीती हर बात अलग है !
तुम्हारे साथ हुई हर मुलाक़ात अलग है !
हर शख्स मेरी ज़िन्दगी छू कर गया !
मगर तुम्हारे साथ हुई हर मुलाक़ात अलग है !!


आज देखा है तुझको देर के बाद,
आजका दिन गुजर न जाये कहीं


तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे
मेरी तन्हाई में ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहीं
मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें
मेरे कमरे में किताबों के सिवा कुछ भी नहीं


वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी,
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से,
मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।


जब रात तुम्हारी याद आती है, दूर चाँद में तुम्हारी सूरत नज़र आती है,
ढूँढ़ते हैं हम तुम्हे रात भर अपने आस पास, ऐसे ही तनहा हर रात गुज़र जाती है


जिसकी यादों में रात गुजर जाती है,
जिसकी लिए आँखें भर आती है,
मुश्किल है उसको ये कह पाना,
तेरे बिन धड़कन भी थम जाती है।


तु बिलकुल चांद की तरह है!
ए सनम…
नूर भी उतना ही,
गुरुर भी उतना ही,
और दूर भी उतना ही…


गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने ?के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके।


चाहे वह तकलीफ कितनी भी दे,
फिर भी सुकून उसी के पास मिलता है…


कभी उनकी याद आती है कभी उनके ख्व़ाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके… तो उन्हें बेहिसाब आते हैं

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