103 Miss You Shayari

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00 अब तलक ये समझ न पाए हम ग़म तिरा क्यूँ ख़रीद लाये हमइक हवेली थी मोम की अपनी छत पे सूरज उतार लाये हम तेरी यादों को पसंद आ गई हैमेरी आंखों की नमीहंसना चाहु तो रूला देती है तेरी कमी… हर रोज हर वक्त तेरा ही तेरा ख्याल,ना जाने कौन से कर्ज की …

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