167 Makar Sankranti Wishes

गुल को गुलशन मुबारक हो
चाँद को चांदनी मुबारक हो
शायर को शायरी मुबारक हो
और हमारी तरफ से आप को
मकर संक्रांति का पर्व मुबारक


पूर्णिमा का ‘चाँद, रंगों की ‘डोली’.
चाँद से उसकी चांदनी बोली
खुशियो से भरे आपकी ‘झोली
मुबारक हो आप को रंग बिरंगी
‘पतंग वाली’ मकर संक्रांति
हैप्पी संक्रांति ……


त्यौहार नहीं होता है अपना पराया,
त्योहार वही जिसे सबने मनाया,
तो मिला के गुढ़ में तिल,
पतंगन संग उड़ जाने दो दिल,
हैप्पी मकर संक्रांति


पुराना साल जाता है
नया साल आता है
साथ आप संक्रांति की खुशिया लता है
भगवान आप को वो खुशिया दे
जो आप का दिल चाहता है


दिल को धडकन से पहले
दोस्तों को दोस्ती से पहले
प्यार को मोहब्बत से पहले
ख़ुशी को गम से पहले
आपको कुछ दिन पहले
मकरसक्रांति की सुभकामना सबसे पहले


मीठे गुड में मिल गया तिल,
उडी पतंंग और खिल गया दिल,
हर पल सुख और हर दिन शांति,
आपके लिए लाये मकर संक्रांति!


ठंड की इस सुबह पड़ेगा हमें नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
कहीं जगह-जगह पतंग है उड़ना,
कहीं गुड़ कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना


नीले-नीले आसमां में
उड़ती रंग-बिरंगी पतंगे
जैसे नीले-नीले सागर में
तैरती रंग-बिरंगी मछलियाँ
मस्त मनेगा संक्राति का त्यौहार
जब साथ होंगे मौहल्ले के यार।


ऊँची पतंग से मेरी ऊँची उड़ान होंगी।
इस जहाँ में मेरे लिए मंजिले तमाम होंगी।
जब भी आसमान की और देखोगे तुम दोस्तों।
तुम्हारे ही हाथों मेरी डोर के साथ जान होंगी।
मकर सक्रांति पर्व पर मेरी तरफ से बधाइयाँ बार बार होंगी।


बाजरे की रोटी, निम्बू का आचार,
सूरज की किरणें, चाँद की चांदनी
और अपनों का प्यार, हर जीवन हो खुशाल.
मुबारक हो मकर संक्रान्ति का त्योहार…


मुंगफली की खुश्बु
और गुड़ की मिठास,
दिलों में खुशी और,
अपनो का प्यार,
मुबारक हो आपको,
मकर संक्रांति का त्योंहार।


पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी ना हो कांटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना।
हैप्पी मकर संक्रांति


दिल में है छायी मस्ती
मन में भरी है उमंग
उड़ती हैं पतंगें रंग बिरंगी
आसमान में छाया मकर संक्रांति का रंग


ठंड की इस सुबह पड़ेगा हमें नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
कहीं जगह-जगह पतंग है उड़ना,
कहीं गुड़ कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना


सूरज की राशि बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे।
हैप्पी मकर संक्रांति


सूरज की राशी बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे
हैप्पी मकर संक्रांति.


कभी भी न रहे कोई दुख देने वाली पहेली,
सदा खुश रहें आप और आपकी फॅमिली।
हैप्पी मकर संक्रांति


दिल को धडकन से पहले,
दोस्तों को दोस्ती से पहले,
प्यार को मोहब्बत से पहले,
ख़ुशी को गम से पहले,
आपको कुछ दिन पहले,
हैप्पी मकर sankranti.


ऊँची पतंग से मेरी ऊँची उड़ान होंगी।
इस जहाँ में मेरे लिए मंजिले तमाम होंगी।
जब भी आसमान की और देखोगे तुम दोस्तों।
तुम्हारे ही हाथों मेरी डोर के साथ जान होंगी।
तिल्ली भी पीली और गुड़ में मिठास होंगी।
मकर संक्रांति पर्व पर मेरी तरफ से बधाइयाँ बार बार होंगी।


S- Santosh संतोष
A- Anand आनंद
N- Nayavinayate नयाविनायते
K- Keerti कीर्ति
R- Roshni रौशनी
A- Atmiyate अत्मियते
N- Naturity नयी शुरुवात
T- Trupti तृप्ती
I- Iswarya ईश्वरीय
Happy Makar Sankranti


मीठे गुड में मिल गए तिल,
उडी पतंद और खिल गए दिल,
हल पल सुख और हर दिन शांति,
आप सब के लिए लाये मकर संक्रांति।


हो आपकी लाइफ में खुशियां,
कभी न रहे कोई भी पहेली,
सदा सुखी रहे आप और आपका परिवार
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं


ख़ुशी का है यह मौसम,
गुड और टिल का है यह मौसम,
पतंग उड़ाने का है यह मौसम,
शांति और समृद्धि का है यह मौसम,
मकर संक्रांति की शुभकामनायें


मंदिर की घंटी, पूजा की थाली
नदी के किनारे, सूरज की लाली
जिंदगी में आये खुशियों की हरियाली
आपको मुबारक हो संक्रांति का त्यौहार


पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी ना हो कांटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना
Happy Makar Sankranti


ठण्ड की एक सुबह पड़ेगा हमे नहाना
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना
कही पतंग, कही दही, कही खिचड़ी
सब मिलकर ख़ुशी मनना
हैप्पी सक्रांति


बासमती चावल हों और उड़द की दाल
घी की महकती खुशबू हो और आम का अचार
दहीबड़े की सुगंध के साथ हो अपनों का प्यार
मुबारक हो आप सभी को खिचड़ी का ये भीना त्योहार।
हैप्पी मकर संक्रांति


ठण्ड की एक सुबह पड़ेगा हमे नहाना
क्यों की संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना
कही पतंग कही दही चुरा कही खिचड़ी
सब कुछ का है मिल कर ख़ुशी मनना
हैप्पी सक्रांति


मन्दिर की घंटी, आरती की थाली,
नदी के किनारे सूरज की लाली,
जिंदगी में आए खुशियों की बहार,
आपको मुबारक हो संक्रांति का त्यौहार ||


चिंटू मन्नू जल्दी आ जाओ
तिल्ली के लड्डू गब-गब खा जाओ
लुटेंगे खूब पतंगे मांजा इस बार
आया है मकर संक्राति का त्यौहार।


खुशीयों का है यह त्यौहार!!
गुड और टिल का है यह त्यौहार!!
शांति और समृद्धि का है यह त्यौहार!!
!!मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाए!!


ख़ुशी का है यह मौसम,
गुड और टिल का है यह मौसम,
पतंग उड़ाने का है यह मौसम,
शांति और समृद्धि का है यह मौसम :
मकर संक्रांति की शुभकामनायें


उड़ी वो पतंग और खिल गया दिल
गुड़ की मिठास में देखो मिल गया तिल
चलो आज उमंग-उल्लास में खो जाएं हम लोग
सजाएं थाली और लगाएं अपने भगवान को भोग।
हैप्पी मकर संक्रांति


ऊँची पतंग, खुला आकाश,
संक्रांति पर छाए हर्षोल्लास,
संक्रांति आपके लिए शुभ हो,
हैप्पी मकर संक्रांति ||


पल पल सुन्हेरे फूल खिलें,
कभी न हो काटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी,
रहे मकर संक्रांति पर यही है हमारी शुभकामना.


बिन सावन बरसात नहीं होती,
सूरज दुबे बिन रात नहीं होती,
अब ऐसी आदत हो गई है की
आपको wish किये बिन किसी
त्योहार की शुरुवात नहीं होती…


ठण्ड की इस सुभाह पड़ेगा हमे नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
कहीं जगह जगह पतंग है उड़ना,
कहीं गुड कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना :
मकर संक्रांति की मुबारकां


बागों में फूल खिल रहे हैं
धीमी-धीमी खुशबू बिखेर रहे हैं
रातें छोटी, दिन बड़े हो रहे हैं
उसी तरह आपका भाग्य भी बड़ा हो ।
कर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं !


मकर संक्रांति के मौके पर इन बधाई संदेशों का इस्तेमाल करें और अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजें। साल के शुरुआती त्योहारों में से एक इस दिन आपकी झोली खुशियों से भर जाएं हम भी यही कामना करते हैं।


तन में मस्ती, मान में उमंग,
देखकर सबका अपनापन,
गुड में जैसे मीठापन,
हो कर साथ हम उड़ायेंगे पतंग,
और भर लें आकाश में अपने रंग।
हैप्पी मकर संक्रांति


बंदे हैं हम देश के,
हम पर किसका ज़ोर?
मकर संक्रान्ति में उड़े,
पतंगे चारो और
लंच में खाएं फिरनी गोल,
अपना मांझा खुद सूतने,
आज हम चले छत की और,
हैप्पी मकर सक्रांति


सुंदर कर्म, शुभ पर्व,
हर पल सुख और हर दिन शान्ति,
आप सब के लिए लाये मकर संक्रांति ||


तन में मस्ती, मन में उमंग
देकर सबको अपनापन,
गुड़ में जैसे मिठापन,
होकर साथ हम उड़ाये,
पतंग भर दें आकाश में अपने रंग.


गुड़ की मिठास,
पतंगों की आस,
संक्रांति में मनाओ जम कर उल्लास,
हैप्पी मकर संक्रांति


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें


मीठे हैं तिल और गुड़ के लड्डू
मीठे हों सब के बोल
हमारी ओर से आप सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं !


बहार देखो !
मौसम खुशमिजाज़ है,
सूर्य हंस रहा है,
पेड़ पौधे नाच रहे हैं,
चिड़िया गा रहे हैं,
क्योंकि आपको मकर संक्रांति की शुभकामनायें देने के लिए,
हमने उन्हें कहा है।


मीठी बोली, मिठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम,
Happy Makar Sankranti.


पतंगों वाले आसमान न जाने अब कहाँ विलुप्त हैं,
त्यहारों की खुशबू न जाने कहाँ गुम है,
तिल-गुड़ की मिठाई कहाँ अब लोग खाते हैं,
मकर संक्रान्ति जैसे त्यहार बस नाम के लिए आते हैं।


नवीन वर्षाच्या
नवीन सणाच्या
गोड मित्रांना
“मकर संक्रातीच्या”
गोड गोड शुभेच्छा!


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी;
टूटे ना कभी डोर विश्वास की;
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी;
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की ।
मकर संक्रांति की शुभकामनायें ।


बिन बादल बरसात नहीं होती,
सूरज के उगे बिना दिन की शुरुआत नहीं होती!
हम जानते है हमारे बिना विश किए आपके
किसी त्यौहार शुरुआत नहीं होती,
आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामना !!


मीठी बोली , मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम।
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ!


त्यौहार नहीं होता है अपना पराया,
त्योहार वही जिसे सबने मनाया,
तो मिला के गुढ़ में तिल,
पतंगन संग उड़ जाने दो दिल,
हैप्पी मकर संक्रांति


ठण्ड की इस सुबह पड़ेगा हमें नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
दिन भर पतंग है उड़ाना,
कहीं गुड़ कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना,
मकर संक्रांति की मुबारका ||


मंदिर की घण्टी,आरती की थली,
नदी के किनारे सुरज की लाली,
जिन्दगी मैं आये खुशीयो की बहार,
मुबारक हो आपको मकर संक्रांति का त्यौहार.


ल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी ना हो कांटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना
Happy Makar Sankranti


हो आपके जीवन में खुशियाली,
कभी भी न रहे कोई दुख देने वाली पहेली,
सदा खुश रहें आप और आपकी Family,
Happy Makar Sankranti


विसरुनी जा दुःख तुझे हे,
मनालाही दे तू विसावा..
आयुष्याचा पतंग तुझा हा,
प्रत्येक क्षणी गगनी भिडावा…
शुभ संक्रांत!


ऊँची पतंग से मेरी ऊँची उड़ान होंगी।
इस जहाँ में मेरे लिए मंजिले तमाम होंगी।
जब भी आसमान की और देखोगे तुम दोस्तों।
तुम्हारे ही हाथों मेरी डोर के साथ जान होंगी।
तिल्ली भी पीली और गुड़ में मिठास होंगी।
मकर सक्रांति पर्व पर मेरी तरफ से बधाइयाँ बार बार होंगी।


पतंगों की तरह आकाश में बुलंदी पायें और
अपनी मेहनत की डोर से उस बुलंदी को संभाल कर रखें ।
सूरज की पहली किरण के साथ आपको
मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं !


ख़ुशी का है यह मौसम,
गुड और टिल का है यह मौसम,
पतंग उड़ाने का है यह मौसम,
शांति और समृद्धि का है यह मौसम।
मकर संक्रांति की शुभकामनायें!


तिल हम है और गुड़ हो आप,
मिठाई हम है और मिठास हो आप,
इस साल के पहले त्योहार से हो रही अब शुरुआत…
आपको और आपके परिवार को
हैप्पी मकर संक्रांति


सूरज की राशि बदलेगी,
बहुतों की किस्मत बदलेगी,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिलकर खुशियां मनाएंगे,
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं ||


मुंगफली की ख़ुशबू
और गुड़ की मिठास,
दिलों में खुशी और
अपनो का प्यार,
मुबारक हो आपको
मकर संक्रांति का त्योंहार


रंग बिरंगी पतंगे, बच्चो की खिलखिलाहट,
गानो का शोर सब कुछ तो है आज आसमान मैं
कुछ नहीं है तोह बस उन पंछियो की उड़ान !


मूंगफली दी खुशबू ते गुड़ दी मिठास
मक्की दी रोटी ते सरसों दा साग
दिल दी ख़ुशी ते अपनेय दा प्यार
मुबारक होवे तुहानू मकर संक्रांति दा त्योहार
Happy Makar Sankranti


तिल हम हैं और गुड़ आप
मिठाई हम हैं और मिठास आप
साल के पहले त्यौहार से हो रही है आज शुरुआत
आपको हमारी तरफ से
हैप्पी मकर संक्रांति


तन में मस्ती, मन में उमंग,
देकर सबको अपनापन,
गुड़ में जैसे मिठापन,
होकर साथ हम उड़ाये पतंग,
भर दें आकाश में अपने रंग…
Happy Sankranti…


मीठे गुड़ में मिल गए तिल,
उड़ी पतंग और खिल गए दिल,
हर पल सुख और हर दिन शांति,
आप सबके लिए लाए मकर सक्रांति..
Happy Makar Sankranti


सब फ्रेंड को मिले सन्मति,
आज है मकर संक्राति
स्वीट फ्रेंड उग गया दिनकर,
उड़ाए पतंग हम मिलकर
आकाश हो पतंग से आता,
सुनाओ वो मेरा वो कटा
Happy Makar Sankranti


आसमां पर किसने ये चित्रकारी की है
कुदरत के नूर पर किसने ये कलाकारी की है
बच्चों के चेहरे कैसे दमक उठे इन पतंगों को देखकर
सोचिए तो सही ईश्वर ने ये कैसी जादूगरी की है।
मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं…


मकर संक्रांतीच्या पहिल्या दिवसाच्या
आपल्या सर्वाना हार्दिक शुभेच्छा…
भोगीच्या हार्दिक शुभेच्छा!


बंदे हैं हम देश के,
हम पर किसका ज़ोर?
मकर संक्रान्ति में उड़े,
पतंगे चारो और
लंच में खाएं फिरनी गोल,
अपना मांझा खुद सूतने,
चले हम छत की और,
हैप्पी मकर सक्रांति


बाजरे की रोटी, निम्बू का अचार, सूरज की किरणें, चांद की चांदनी और अपनों का प्यार, हर जीवन हो खुशहाल, मुबारक हो आपको मकर संक्रांति का त्योहार।


बिन बादल बरसात नहीं होती,
सूरज के उगे बिना दिन की शुरुआत नहीं होती!
हम जानते है हमारे बिना विश की आप की
कोई त्यौहार शुरुआत नहीं होती,
आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभ कामना !!


तील हम है और गुल आप,
मिठाई हम है और मिठास आप,
साल के पहले त्यौहार से हो रही आज शुरुआत,
आप को हमारी तरफ से हैप्पी संक्रांति


आधुनिकता और मोबाइल का कुछ यूं असर हुआ बच्चों पर
के साल -दर -साल सारी पतंगे गायब हो गई आसमान से…


सूरज की राशि बदलेगी,
बहुतों की किस्मत बदलेगी,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिलकर खुशियां मनाएंगे,
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं


तन में मस्ती, मन में उमंग,
चलो आकाश में डाले रंग,
हो जाये सब संग-संग,
उड़ाये पतंग !
Happy Uttarayan


तन में मस्ती, मन में उमंग, देकर सबको अपनापन,
गुड़ में जैसे मिठापन, होकर साथ हम उड़ाए पतंग, भर दे आकाश में अपने रंग..
Happy Makar Sankranti


मीठे है तिल और गुड़ के लड्डू
मीठे हो सब के बोल
हमारी ओर से आप सब को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं


सूरज की राशि अब बदलने का वक्त है
मानिए कि कुछ के लिए बदलाव का वक्त है
साल का पहला महीना और संक्रांत का वक्त है
दिल में उमंगों और आशाओं के संचार का वक्त है।
Happy Makar Sankranti


मूंगफली की खुशबू और गुड़ की मिठास
दिलों में खुशी और अपनों का प्यार
शुभ हो आपको मकर संक्रांति का त्यौहार ।


मुबारक हो आप को रंग बिरंगी ‘पतंग वाली ’ मकर संक्रांति
हैप्पी मकर संक्रांति


तन में मस्ती, मन में उमंग
चलो आकाश में डाले रंग
हो जाएं सब संग संग, उडाएं पतंग !
Happy Makar Sankranti


इस वर्ष की मकर संक्रांति,
आपके लिए हो तिल लड्डू जैसी मीठी !
मिले कामयाबी पतंग जैसी उँची,
इसी कामना वाली मकर संक्राति !!


त्योहार नहीं होता अपना पराया,
त्योहार है वही जिसे सबने मनाया,
तो मिला के गुंड में तिल,
पतंग संग उड़ जाने दो दिल ||
मकर संक्रांति की शुभकामनाएं.


तिल हम है, गुड़ हो आप
मिठाई हम है, मिठास हो आप
रखना मत किसी से भी ईर्ष्या-द्वेष
क्योंकि हमारी नजर में नेक इंसान हो आप।
#Happy Makar Sankranti#


सर्दी की इस सुबह पड़ेगा हमें नहाना
मकर संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना
दिन भर पतंग हमें है उड़ाना
कहि गुड़ खिन तिल के लड्डू मिलकर हमें है खाना
Happy Makar Sankranti


मीठे गुड में मिल गए तिल,
उडी पतंग और खिल गए दिल,
हर पल सुख और हर दिन शांति,
आप सबके लिए लाये मकर संक्रांति

मकर संक्रांति की शुभकामनाये


मुंगफली की खुश्बु और गुड़ की मिठास,
दिलों में खुशी और अपनो का प्यार,
मुबारक हो आपको
मकर संक्रांति का त्योंहार


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर आपके विश्वास की,
छू लों आप जिंदगी के सारे कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊंचाइयां आसमान की..
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!!


खुशियों की आई हैं बहार,
पतंग उडाने का चढ़ा हैं खुमार,
तिल के लड्डू की हैं मिठास,
आपको मुबारक हो संक्रांति का त्योहार!


फसलें हरी थीं अब सुनहरी होने को चलीं
हवा थी बहुत सर्द अब कुछ गुनगुनी सी चलीं
मैंने सोचा काम बहुत हुआ, यादें गुनगुनाने चलीं
मकर संक्रांति है दोस्त, तिल-गुड़ की मिठास बहने चलीं।
Happy Makar Sankranti


कणभर तीळ मनभर प्रेम
गुळाचा गोडवा आपुलकी वाढवा
तिळगुळ घ्या गोड गोड बोला…
मकर संक्रांतीच्या आपणास व
आपल्या परिवारास हार्दिक शुभेच्छा !


मुंगफली की खुश्बु
और गुड़ की मिठास,
दिलों में खुशी और
अपनो का प्यार,
मुबारक हो आपको
मकर संक्रांति का त्योंहार


तन में मस्ती, मन में उमंग, देकर सबको अपनापन,
गुड़ में जैसे मीठापन, होकर साथ हम उड़ाये पतंग,
भर दें आकाश में अपने रंग
मकर संक्रांति की शुभकामनायें ।


तिल हम हैं और गुड आप,
मिठाई हम हैं और मिठास आप,
साल के पहले त्यौहार से हो रही है शुरुवात,
आपको हमारी तरफ से ढेर सारी मुराद
Happy Makar Sankranti


पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी न हो काँटों से सामना,
जिंदगी आपकी खुशियो से भरी रहे,
यही है संक्रांति पर हमारी शुभकामना!


पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी न हो काँटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियाँ से भरी रहे,
संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना ||
हैप्पी मकर संक्रांति


तिल हम हैं और गुड आप,
मिठाई हम हैं और मिठास आप,
साल के पहले त्यौहार से हो रही है शुरुवात,
आपको हमारी तरफ से ढेर सारी मुराद


देख पतंगो का दौर ,यादो के पर लग गये।
उडी पतंग नील गगन मे और पेच लड गये।।
पेच लडते लडाते इक हसीं से नैन लड गये।
एकाएक चली पुरवा, और खेल बदल गये ।।
जहाँ करनी थी खींच ,बस वही ढील दे गये।
दिल लगा ना दिलबर मिला, और पेच कट गये ।।
नजर हटी तो जरा सी, कटी पतंग हो गये।
उडान के लिये बने थे, आज आसमां के हो गये।।
Wish you Happy makar sankranti


मंदिर की घंटी आरती की थाली नदी के किनारे सूरज की लाली
ज़िन्दगी में आये खुशियों की बहार मुबारक हो
आपको मकर संक्रांति का यह त्योहार
Happy Makar Sankranti


तन में मस्ती, मन में उमंग
देकर सबको अपनापन
गुड में जैसे मीठापन
होकर साथ हम उड़ाएं पतंग
और भर ले आकाश में अपने रंग

Happy Makar Sankranti


सूरज की राशि बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे –
हैप्पी मकर संक्रांति


मंदिर की घंटी, आरती की थाली,
नदी के किनारे सुरज की लाली,
जिंदगी में आये खुशियों की बहार,
आपको मुबारक हो पतंगों का त्योंहार..


तन में मस्ती, मान में उमंग,
चलो आकाश में डाले रंग,
हो जाये सब संग संग,
उडाए पतंग.. हैप्पी मकर संक्रान्ति


सर्द सी थी सुबह अब तक, कुछ गुनगुनी हुई
ऊंघती सी लगती थी ओस, अब चमकीली हुई
मिठास तो पहले भी थी इस गुड़ और तिली में
जाने क्या है बात है आज कुछ ज्यादा अपनी सी हुई।
मकर संक्रांति की मिठास भरी शुभकामनाएं…


तिळगुळ घ्या गोड गोड बोला!!
मराठी अस्मिता, मराठी मन,
मराठी परंपरेची मराठी शान,
आज संक्रांतीचा सण,
घेऊन आला नवचैतन्याची खाण!
तिळगुळ घ्या, गोड गोड बोला..!


पूर्णिमा का ‘चाँद, रंगों की ‘डोली’.
चाँद से उसकी चांदनी बोली
खुशियो से भरे आपकी ‘झोली
मुबारक हो आप को रंग बिरंगी
‘पतंग वाली ’ मकर संक्रांति
हैप्पी संक्रांति ……


ऊँची पतंग से मेरी ऊँची उड़ान होंगी।
इस जहाँ में मेरे लिए मंजिले तमाम होंगी।
जब भी आसमान की और देखोगे तुम दोस्तों।
तुम्हारे ही हाथों मेरी डोर के साथ जान होंगी।
तिल्ली भी पीली और गुड़ में मिठास होंगी।
मकर सक्रांति पर्व पर मेरी तरफ से बधाइयाँ बार बार होंगी।


सर्द सी थी सुबह अब तक, कुछ गुनगुनी हुई
ऊंघती सी लगती थी ओस, अब चमकीली हुई
मिठास तो पहले भी थी इस गुड़ और तिली में
जाने क्या है बात आज कुछ ज्यादा अपनी सी हुई।
मकर संक्रांति की मिठास भरी शुभकामनाएं ।


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें


बंदे हैं हम देश के,
हम पर किसका ज़ोर?
मकर संक्रान्ति में उड़े,
पतंगे चारो और
लंच में खाएं फिरनी गोल,
अपना मांझा खुद सूतने,
आज हम चले छत की और,
हैप्पी मकर सक्रांति!


हो आपकी लाइफ में खुशियाली,
कभी न रहे कोई भी पहेली,
सदा सुखी रहे आप और आपकी फ़ैमिली,
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।
Happy Makar Sankranti


खुले आसमा में जमी से बात न करो..
ज़ी लो ज़िंदगी ख़ुशी का आस न करो..
हर त्यौहार में कम से कम हमे न भूलो करो..
फ़ोन से न सही मैसेज से ही संक्राति विश किया करो !!


पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी न हो काँटों का सामना,
जिन्दगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना,
मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई


हमें आशा है इस मकर संक्रांति
आप के जीवन के सभी दुख जल कर रख हो जाएँ,
और आप के जीवन में खुशियाँ और प्यार भर जाये
आपको मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ


उड़ी वो पतंग और खिल गया दिल
गुड़ की मिठास में देखो मिल गया तिल
चलो आज उमंग-उल्लास में खो जाएं हम लोग
सजाएं थाली और लगाएं अपने भगवान को भोग.
हैप्पी मकर संक्रांति


मंदिर की घंटी, आरती की थाली,
नदी के किनारे सूरज की लाली,
ज़िन्दगी में आये खुशियों की बहार,
आपको मुबारक हो संक्रांत का त्यौहार

हैप्पी मकर संक्रांति


तिल हम है और गुड़ हो आप,
मिठाई हम है और मिठास हो आप,
इस साल के पहले त्योहार की शुरुआत
हैप्पी मकर संक्रांति


सपनों को लेकर मन में,
उड़ायेंगे पतंग आसमान में,
ऐसी भरेगी उड़ान मेरी पतंग,
जो भर देगी जीवन में खुशियों की तरंग।


तील हम है,
और गुड़ हो आप,
मिठाई हम है,
और मिठास हो आप,
इस साल के पहले त्योंहार से
हो रही आज शुरुआत…
आपको हमारी ओर से
*Happy Makar Sankranti*


मीठी बोली, मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम!
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं..


सभी दोस्तों को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाये…
आपका दिन शुभ और मंगलमय हो ऐसी कमाना करता हूँ


देखो तो कैसी छायी है मन में उमंग
आसमां में हवा के साथ कैसे डोलती है पतंग
सौंधी सी हो चली है अब हवाओं की खुशबू
मकर संक्रांति पर आपको बधाई की ही तो थी आरजू।
Happy Sankranti


तीळ गुळ घ्या आणि गोड गोड बोला,
मकर संक्रांतीच्या हार्दिक शुभेच्छा !


ठण्ड की एक सुबह पड़ेगा हमे नहाना
क्यों की संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना
कही पतंग कही दही चुरा कही खिचड़ी
सब कुछ का है मिल कर ख़ुशी मनना
हैप्पी सक्रांति


हवाएँ हो गई हैं सर्द
आओ धूप में कुछ पल बिता लें
कहें कुछ अपने मन की
रिश्तों पर जमी बर्फ पिघला लें ।
चटक से तोड़ें मूंगफली फैलायें छिलके छत पर
कुछ दाने खा लें ।
बातों के तिल का ताड़ नही
तिल में थोड़ा गुड़ मिला लें ।
मकर संक्रांति की शुभकामनायें ।


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें!


मिठे मिठे गुड़ में मिल गया TiL,
उड़ी पतंग और खिल गया DiL…
चलो उड़ाये पतंग सबलोग Mil…
Happy Makar Sankranti


आप को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं..
“यादें अक्सर होती है सताने के लिए,
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नही,
बस दिलो में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए!!!!!”


मीठे गुड में मिल गया तिल,
उडी पतंग और खिल गया दिल,
हर पल सुख ओर हर दिन शांति,
आप सब के लिए लाये मकर संक्रांति ||


पूर्णिमा की चाँद,
रंगों की डोली,
चाँद से चांदनी,
खुशियों से भरी हो आपकी , झोली,
मुबारक हो आपको रंग बिरंगी,
पतंगों वाली मकर संक्रांति


हो आपके जीवन में खुशियाली,
कभी भी न रहे कोई दुख देने वाली पहेली,
सदा खुश रहें आप और आपकी Family
Happy Makar Sankranti


बासमती चावल हों और उड़द की दाल
घी की महकती खुशबू हो और आम का अचार
दहीबड़े की सुगंध के साथ हो अपनों का प्यार
मुबारक हो आप सभी को खिचड़ी का ये भीना त्योहार…


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर आपके विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की

Wish You Happy Makar Sankranti


बिन बादल बरसात नहीं होती,
सूरज के उगे बिना दिन की शुरुआत नहीं होती
सूर्य के इसी पावन पर्व पर मकर संक्रांति की शुभकामनाएं


तन में मस्ती, मन में उमंग,
चलो आकाश में डाले रंग,
हो जाये सब संग संग,
उडाए पतंग.. हैप्पी मकर संक्रान्ति


#तीळगुळ Ghya…
.
#आणी
#पाठिमागे God God बोला..
.
क्योंकि भाई सामने तो सभी मीठा ही बोलते है…
Happy Makar Sankranti


सूरज की राशि बदलेगी बहुतों की किस्मत बदलेगी,
यह साल का पहला पर्व होगा, जो बस खुशियों से भरा होगा!
हैप्पी संक्रांति


The festival of Sun is here!
Here’s wishing you and your family
lots of happiness and sweet surprises
this Makar Sankranti!


तन में मस्ती, मन में उमंग, देकर सबको अपनापन,
गुड़ में जैसे मिठापन, होकर साथ हम उड़ाए पतंग,
भर दे आकाश में अपने रंग..
Happy Makar Sankranti


हमें आशा है इस मकर संक्रांति आप के जीवन के सभी दुख जल कर रख हो जाएँ, और आप के जीवन में खुशियाँ और प्यार भर जाये|


पल पल सुन्हेरे फूल खिलें,
कभी न हो काटों का सामना,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे,
मकर संक्रांति पर यही है यही है हमारी शुभकामना


ठण्ड की इस सुभाह पड़ेगा हमे नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
कहीं जगह जगह पतंग है उड़ना,
कहीं गुड कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना|


तील हम है और गुल आप,
मिठाई हम है और मिठास आप,
साल के पहले त्यौहार से हो रही आज शुरुआत,
आप को हमारी तरफ से हैप्पी संक्रांति…!!


खुले आसमान में जमी से बात न करो..
ज़ी लो ज़िंदगी ख़ुशी का आस न करो..
हर त्यौहार में कम से कम हमे न भूला करो..
फ़ोन से न सही मैसेज से ही संक्राति विश किया करो !!


खुशियों की आई है बहार
पतंग उड़ाने की चढी है खुमार
तिल और गुड़ के लड्डू की है मिठास
हैप्पी मकर संक्रांति |


देखो तो कैसी छायी है मन में उमंग
आसमां में हवा के साथ कैसे डोलती है पतंग
सौंधी सी हो चली है अब हवाओं की खुशबू
मकर संक्रांति पर आपको बधाई की ही तो थी आरजू।
Happy Makar Sankranti |


सूरज की राशि बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे –
हैप्पी मकर संक्रांति |


सूरज की राशि बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे –
हैप्पी मकर संक्रांति |


बंदे हैं हम देश के,
हम पर किसका ज़ोर?
मकर संक्रान्ति में उड़े,
पतंगे चारो और
लंच में खाएं फिरनी गोल,
अपना मांझा खुद सूतने,
आज हम चले छत की और,
हैप्पी मकर सक्रांति


सभी दोस्तों को मकर सक्रांति पर्व की शुभकामनाये…
आपका दिन शुभ और मंगलमय हो ऐसी कमाना करता हूँ..


मंदिर की घंटी, आरती की थाली,
नदी के किनारे सूरज की लाली,
ज़िन्दगी में आये खुशियों की बहार,
आपको मुबारक हो संक्रांत का त्यौहार
हैप्पी मकर संक्रांति


काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें


बहार देखो !
मौसम खुशमिजाज़ है,
सूर्य हंस रहा है,
पेड़ पौधे नाच रहे हैं,
चिड़िया गा रहे हैं,
क्योंकि आपको मकर संक्रांति की शुभकामनायें देने के लिए,
हमने उन्हें कहा है !


एक सुबह नयी सी कुछ धुप,
अब नहीं रहेंगे हम साब चुप,
करेंगे पूजा पाठ,
खायेंगे गुड, तिल लड्डू साथ.


सभी लोगों को मिले सन्मति,
आज है मकर संक्रांति,
मित्रों उठ गया है दिनकर,
चलो उडाये पतंग मिलकर.


टिल हम हैं और गुड आप,
मिठाई हम हैं और मिठास आप,
साल के पहले त्यौहार से हो रही है शुरुवात,
आपको हमारी तरफ से ढेर सारी मुराद


मीठी बोली , मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम !
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ


ठण्ड की इस सुभाह पड़ेगा हमे नहाना,
क्योंकि संक्रांति का पर्व कर देगा मौसम सुहाना,
कहीं जगह जगह पतंग है उड़ना,
कहीं गुड कहीं तिल के लड्डू मिल कर है खाना :
मकर संक्रांति की मुबारकां


हो आपके जीवन में खुशियाली,
कभी भी न रहे कोई दुख देने वाली पहेली,
सदा खुश रहें आप और आपकी Family, :
Happy Makar Sankranti 20120.


ख़ुशी का है यह मौसम,
गुड और टिल का है यह मौसम,
पतंग उड़ाने का है यह मौसम,
शांति और समृद्धि का है यह मौसम :
मकर संक्रांति की शुभकामनायें


सूरज की राशी बदलेगी,
कुछ का नसीब बदलेगा,
यह साल का पहला पर्व होगा,
जब हम सब मिल कर खुशियाँ मनाएंगे –
हैप्पी मकर संक्रांति

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