284 Love Shayari

उसे हम छोड़ दें लेकिन बस इक छोटी सी उलझन हैं,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है।


इक तेरी तमन्ना ने कुछ ऐसा नवाज़ा है,
माँगी ही नहीं जाती अब कोई और दुआ हमसे।


हमसे एक वादा करो हमे रुलाओगे नही,
हालात जो भी हों कभी हमे भुलाओगे नही,
अपनी आँखों में छुपा कर रखोगे हमको,
और फिर किसी को दिखाओगे नही।


सुनो मुझे मरने से पहले तुम्हारे साथ जीना है


मत पूछो कैसे…
गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना,
कभी मिलने की हसरत
कभी देखने की तमन्ना।


लाजवाब कर देते हैं तेरे खयाल दिल को,
मोहब्बत तुझसे अच्छा तेरा तसव्वुर है।


खुद पूछो अपने दिल से कि,
क्या वो मुझको भुलाना चाहता है?
अगर वह हां कह दे तो,
कसम से मोहब्बत छोड़ देंगे।


तू हकीकत-ए-इश्क है या कोई फरेब,
ज़िन्दगी में आती नहीं ख़्वाबों से जाती नहीं


उँगलियाँ मेरी वफ़ा पर न उठाना लोगों,
जिसको शक हो वो मुझसे निबाह कर देखे।


जाम पर जाम पीने से क्या फायदा,
शाम को पीके सुबह को उतर जाएगी,
जरा दो घूट मेरे इश्क की पी कर तो देख,
तेरी सारी जिंदगी नशे में गुजर जायेगी।


अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे
मेरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले


दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींदों में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,
मर जायेंगे तुन्हारे बिना ये जबाब उनका था।


जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए,
काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए


ये न समझ कि मैं भूल गया हूँ तुझे,
तेरी खुशबू मेरे सांसो में आज भी है,
मजबूरियों ने निभाने न दी मोहब्बत,
सच्चाई मेरी वफाओं में आज भी है।


न चाँद की चाहत, न तारों की फरमाइश,
हर पल में हो तू मेरे साथ बस यही है मेरी ख्वाइश।


अपने प्यार पर है,
इतना यक़ीन दोस्तों,
कि जो हमारा हो गया,
वो कभी किसी और का नहीं हो सकता…


तुझे भूलना भी चाहूँ तो भुलाऊँ कैसे,
तेरी याद से अपना दामन छुड़ाऊ तो कैसे,
मेरी हर खुसी हर मुस्कान मोहताज़ है तेरी,
मगर तुझको इसका एहसास दिलाऊ कैसे।


हमें क्या मालूम था,
इश्क होता क्या है?
तुम मिले और,
जिन्दगी मोहब्बत बन गयी।


अगर इश्क करो तो आदाब-ए-वफ़ा भी सीखो,
ये चंद दिन की बेकरारी मोहब्बत नहीं होती।


आँखों के रास्ते मेरे दिल में उतर गये,
बंदा-नवाज़ आप तो हद से गुज़र गये।


वो पूँछतें हैं की हमे क्या हुआ है,
अब हम उनसे कैसे कह उनसे इश्क हुआ है।


तुम्हारी आँखों की गहराई में,
खोना चाहता हूँ मैं,
भरकर तुम्हे अपनी बाहों में,
सोना चाहता हूँ मैं


मंजिल तेरे अलावा भी कई हैं लेकिन,
ज़िन्दगी और किसी राह पे चलती नहीं।


शिकायत तो खुद से है,
तुमसे तो आज भी इश्क है।


दवा न काम आयी, काम आयी न दुआ कोई,
मरीजे-इश्क थे आखिर हकीमों से शिकायत क्या।


खुलता नहीं है हाल किसी पर कहे बग़ैर,
पर दिल की जान लेते हैं दिलबर कहे बग़ैर।


कुछ लोगो की मोहब्बत दिल में इस कदर उतर जाती है,
जब उन्हें दिल से निकालो तो जान निकल जाती है।


दिल में दर्द है आँखों में बेकरारी है,
हमें लगी इश्क की अजीब बिमारी है,


मोहब्बत हो कर भी हम,
तुमसे छुपते फिरते हैं।
तुम्हें अनदेखा कर फिर,
छुप छुप कर देखा करते हैं।


हसरतें मचल गई जब,
तुमको सोचा एक पल के लिए,
सोचो तब क्या होगा जब,
मिलोगे मुझे उम्र भर के लिए।


तेरे ख्याल में जब बेख्याल होता हूँ,
जरा सी देर को ही सही बेमिसाल होता हूँ।


ये जिंदगी कितनी खूबसूरत है,
बस अब आप आइये आपकी ही जरूरत है।


दिल की खिड़की से बाहर देखो ना कभी
बारिश की बूँदों सा है एहसास मेरा…


हाथों से यूँ अपने चेहरे को छुपाते क्यों हो,
मुझसे शर्माते हो तो सामने आते क्यों हो,
तुम भी मेरी तरह कर लो इकरार-ए-वफ़ा अब,
मोहब्बत करते हो तो फिर प्यार छुपाते क्यों हो?


दिल की आवाज को इजहार कहते हैं।
झुकी निगाह को इकरार कहते हैं।
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं,
कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं।


सदियों का रतजगा मेरी रातों में आ गया,
मैं एक हसीन शख्स की बातों में आ गया।


बचाओ लाख दिल को लेकिन मोहब्बत हो ही जाती है,
निगाहे तो आखिर निगाहे हैं ये शरारत हो ही जाती है।


हमने देखा था खुद को तेरी सूरत में
आईना देख कर अब रात कट जाती हैं


चल रहे हैं जमाने में रिश्बतों के सिल-सिले,
तुम भी कुछ ले दे कर मुझसे मोहब्बत कर लो​।


तुम रख ना सकोगे मेरा तोहफा संभालकर,
वरना मैं अभी दे दूँ, जिस्म से रूह निकालकर।


मुहब्बत मेरी भी बहुत असर करती है,
याद आएंगे बहुत जरा भूल के देखो।


एक तेरा दीदार मेरे सारे गमो को भुला देता है,
मेरी जिंदगी को जिंदगी बना देता है।


आता नही था हमें इकरार करना,
ना जाने कैसे सीख गये प्यार करना,
रुकते ना थे दो पल कभी किसी के लिए,
ना जाने कैसे सीख गये इंतेज़ार करना!!


मोहब्बत क्या है चलो दो लफ़्ज़ों में बताते हैं,
तेरा मजबूर करना और मेरा मजबूर हो जाना।


हर लम्हा तेरी याद का पैगाम दे रहा है,
अब तो तेरा इश्क मेरी जान ले रहा है।


मत पूछ वजह की क्यू
चाहती हूँ तुझे
क्योंकि साचा इश्क वजह से नहीं
बेवजह होता है


उसकी मोहब्बत लाख छुपाई ज़माने से मैंने,
मगर आँखों में उसके अक्स को छुपा न सका।


वो नकाब लगा कर खुद को,
इश्क से महफूज समझते रहे।
नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क
चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है।


मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ रहती है,
कोई इंसान तन्हाई में भी कभी तन्हा नहीं रहता।


करने लगे जब शिकवा उससे उसकी बेवफाई का
रख कर होंट को होंट से खामोश कर दिया


कुछ देर का इंतज़ार मिला हमको,
पर सबसे प्यारा यार मिला हमको,
तेरे बाद किसी और की ख्वाइश न रही,
क्योंकि तेरे प्यार से सब कुछ मिला हमको।


मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुन कर,
तेरे नाम से इतनी मोहब्बत है तो सोच तुझसे कितनी होगी


छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब सा बनकर,
ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नहीं।


नसीब वाले होते हैं वो लोग,
जिनकी फिकर और प्यार करने वाला कोई होता है।


बहुत बुरे हो तुम
फिर भी तुमसे अच्छा कोई नहीं लगता


इन्कार जैसी लज्जत इक़रार में कहाँ,
बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब उसकी नहीं-नहीं से।


तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है
वही है चाहत यादों की बरसात वही है
हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से
खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है


आप दिल से दूर हैं और पास भी,
आप लवो की हँसी हो, और आँसू भी,
आप दिल का सुकून हो,और बेचैनी भी,
आप हमारी अमानत हो,और एक सपना भी।


तेरा रूठना भी इतना अच्छा लगता है,
कि दिल करता है दिनभर तुझे छेड़ता ही रहूँ


तुम्हारे प्यार की दास्तान हमने अपने दिल में लिखी है,
न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है


अगर मेरे नाम से कभी,
दिल धड़क उठे तुम्हारा।
तो समझ लेना…
प्यार झूठा नहीं था, हमारा।


किसी से प्यार करो और तजुर्बा कर लो,
ये रोग ऐसा है जिसमें दवा नहीं लगती।


तरस गये है हम तेरे मुंह से कुछ सुनने को हम
प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे


मोहब्बत का कोई मुकाम नही होता है,
वो जो रास्ता होता हैं न वही खूबसूरत तमाम होता है।


हम ना अजनबी हैं ना पराए हैं,
आप और हम एक रिश्ते के साए हैं,
जब भी जी चाहे महसूस कर लीजिएगा,
हम तो आपकी मुस्कुराहट में समाए हैं!!


नाम तेरा ऐसे लिख चुके हैं,
अपने वजूद पर कि
तेरे नाम का भी कोई मिल जाए,
तो भी दिल धड़क जाता है।


मोहब्बत सीखनी है, तो
मौत से सीखो।
जो एक बार गले लगा ले तो,
फिर किसी का होने नहीं देती।


तेरे सिवा किसी और की चाहत नहीं
तेरे सिवा किसी और से मोहब्बत नहीं


दिल में आहट सी हुई रूह में दस्तक गूँजी,
किस की खुशबू ये मुझे मेरे सिरहाने आई।


दुनिया को आग लगाने की ज़रूरत नहीं
तो मेरे साथ चसल आग खुद लग जाएगी


तेरी मोहब्बत का ये कितना खूबसूरत एहसास है,
अब तो मुझे लगता है हर पल की तू मेरे कहीँ आस पास है।


हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनने से पहले ||
यह सोच लेना भूलने से पहले,
बहुत रोई है यह आँखें मुस्कुराने से पहले ||


मोहब्बत करने की बात हो तो किसी से भी कर लेंगे,
मगर जो मोहब्बत होने की बात है वो तो बस तुमसे है।


Tumhaare ehsaas ki khushboo
mere rom-rom mein samaayi hai,
Ab tum hi batao,
Ki iski kaun si dawaayi hai??


कभी नजर ना लगे,
तुम्हारी इस मुस्कान को।
दुनिया की हर खुशी मिले,
मेरी जान को।


दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती।


मत पूछ ये की मैं तुझे भुला नहीं सकता
तेरी यादों के पन्ने को मैं जला नहीं सकता
संघर्ष यह है कि खुद को मारना होगा
और अपने सुकून की खातिर तुझे रुला नहीं सकता


ये तुमसे किसने कहा तुम इश्क का तमाशा करना,
अगर मोहब्बत करते हो हमसे तो बस हल्का सा इशारा करना।


हर पल हर लम्हा हम होते बेक़रार है,
तुझसे दूर होते है तो लगता है लाचार है,
बस एक बार देखो आँखों में मेरी,
मेरे इस दिल में तेरे लिए कितना प्यार है!!


खुदा ही जाने क्यों हाथो पर तुम मेहँदी लगाती हो,
बहुत ना समझ हो फूलों पर पत्तों के रंग चढ़ाती हो।


Naa dhan-daulat, naa shauhrat,
Aur naa waah-waah chahiye,
Kaise ho? kahan ho?
Bus in do shabdon ki parwaah chahiye


तुमसे लड़ते, झगड़ते हैं,
और नाराजगी भी रखते हैं।
पर तुम्हारे बिना जीने का,
ख्याल नहीं रखते।


इजहार-ए-मोहब्बत पे अजब हाल है उनका,
आँखें तो रज़ामंद हैं लब सोच रहे हैं।


सच्चा प्यार किसी भूत की तरह होता है
बातें तो सब करते है देखा किसी ने नहीं


ये हमारी मोहब्बत है या कुछ और ये तो पता नही, लेकिन जो तुमसे है, वो किसी और से नही।


मुझसे वादा करो मुझे रुलाओगे नहीँ
हालात जो भी हो मुझे भुलाओगे नहीं


क्या बताऊं यार तुझको प्यार मेरा कैसा है,
चांद सा नही है वो चांद उसके जैसा है।


मुझे हमसफर तेरी रफ्तार से चलना नहीं आया
तेरे अपने दलाईल हैं मेरे अपने मसाइल हैं


तुम खास थे…
इसलिए लड़े तुमसे।
पराये होते तो,
मुस्कुरा कर जाने देते।


रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।


नशे में भी तेरा नाम लब पर आता है
चलते हुए मेरे पाँव लड़खड़ाते हैं
दर्द सा दिल में उठता है मेरे
हसीं चेहरे पर भी दाग नजर आता है


जब किसी की रूह में उतर जाता है मोहब्बत का समंदर, तब लोग जिन्दा तो होते हैं, लेकिन किसी और के अंदर।


जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से
उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है


मेरी हर खुशी हर बात तेरी है,
मेरी साँसों में बसी वो महक तेरी है,
इक पल भी नही रह सकते बिन तेरे,
धड़कनो से निकलती हर आवाज़ तेरी है।


अजीब तौर तरीके हैं उसके भी यारों
वो मुझसे प्यार तो करता है, पर नहीं करता


तुम मेरी जिंदगी की वो कमी हो,
जो मेरी जिंदगी में जिंदगी भर रहेगी।


बहुत नायाब होते हैं जिन्हें हम अपना कहते हैं,
चलो तुमको इज़ाजत है कि तुम अनमोल हो जाओ।


सिर्फ वक़्त गुजरना हो तो किसी और को अपना बना लेना
हम दोस्ती भी करते है तो प्यार की तरह


अब हम भी कुछ मोहब्बत के गीत गुनगुनाने लगे हैं, जब से वो हमारे ख्वाबो में आने लगे हैं।


ज़िन्दगी में कुछ सपने सजा लेना ,
अगर वक़्त मिले तो कुछ अरमान जगा लेना ,
हम आप की राहों से सब दर्द छुपा लेंगे


हँसते हुए तुझको जब भी देखता हूँ मैं,
तू ही दुनिया है मेरी यही सोचता हूँ मैं।


प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझको
दौलत दिखाई तो सारे जहाँ की कम पडेगी


कुछ तो नशा होगा
तेरे इश्क में…ए दिलबर!
सारी आदतें अपनी छोड़ के,
तलब तेरी जो लगा बैठे हम।


जन्नत-ए-इश्क में हर बात अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो किसी को शायरी नसीब होती है।


गिलास पर गिलास बहुत टूट रहे हैं
खुसी के प्याले दर्द से भर रहे हैं
मशालों की तरह दिल जल रहे हैं
जैसे ज़िन्दगी में बदकिस्मती से मिल रहे हैं


तेरी झील सी आँखों में डूब जाने का दिल चाहता है,
वफ़ा पर तेरी बर्बाद हो जाने का दिल चाहता है,
कोई सम्भाले हमे, बहक रहे हैं कदम,
तेरे इश्क में मर जाने का दिल चाहता है।


नहीं बस्ती किसी और की सूरत अब इन आँखों में
काश की हमने तुझे इतने गौर से न देखा होता


वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।


ये माना न खुल सका
कौन हूँ, किस से प्यार करता हूँ


चुरा के नजर हमसे
आखिर कहाँ तक जाओगे?
अगर तकदीर में होंगे, तो
एक दिन मिल ही जाओगे।


जरा सी बदमाश जरा सी नादान है तू,
लेकिन ये भी सच है की मेरी जान है तू।


रूबरू मिलने का मौका मिलता नहीं है रोज,
इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने।


सच्चे प्यार वालों को हमेशा लोग गलत ही समझते है
जबकि टाइम पास वालो से लोग खुश रहते है आज कल


तुमसे ही रूठ कर
तुम्ही को याद करते हैं
हमे तो ठीक से
नाराज़ होना भी नहीं आता


लबो पर लफ्ज़ भी अब तेरी तलब लेकर आते हैं,
तेरे जिक्र से महकते हैं तेरे सजदे में बिखर जाते हैं।


आप कहते थे कि रोने से न बदलेंगे नसीब
उम्र भर आप की इस बात ने रोने न दिए


ना तुम हमसे मिलो,
ना हम गुजारिश करेंगे।
खुश रहो, जहाँ रहो…
बस खुदा से यही सिफारिश करेंगे।


प्यार मैं तुझसे करती हूँ,
और अपनी जिंदगी से ज्यादा करती हूँ।


टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती।


हम इश्क़ के वो मुकाम पर खड़े है
जहाँ दिल किसी और को चाहे तो गुन्हा लगता है


इश्क सभी को जीना सीखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,
इश्क नही किया तो करके देखना,
ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता है।


तेरे बिना तो
सिर्फ साँसे चलती हैं
ज़िन्दगी तो वो
होती है जब तू
पास होती है


मेरी बाहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले,
अब बहुत देर में मैं आजाद करूँगा तुझको।


अच्छा लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ !
जैसे कोई सुबह जुड़ी हो किसी हसीन शाम के साथ !!


हर पल आपको हंसाना, आपसे बातें करना
थोड़ा लड़ना और हद से ज्यादा प्यार करना।
बस यही तो है, मेरी जिंदगी।


तन्हाई में मुश्कुराना भी इश्क है,
और इस बात को छुपाना भी इश्क है।


वो रख ले कहीं अपने पास हमें कैद करके,
काश कि हमसे कोई ऐसा गुनाह हो जाये।


आशिक के नाम से सभी जानते हैं
इतना बदनाम हो गए हम मयखाने में
जब भी तेरी याद आती है बेदर्द मुझे
तोह पीते हैं हम दर्द पैमाने में


तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।


और कितना प्यार करू मैं तुम्हे
की तुम्हे दिल में रख कर भी दिल नहीं भरता


अपनी हर सांस में आबाद किया है तुमको,
ऐ मेरी जाना बहुत याद किया है तुमको,
मेरी जिंदगी में तुम नहीं तो कुछ भी नहीं,
अपनी जिंदगी से बढ़कर प्यार किया है तुमको।


उलझा रही है मुझको,
यही कश्मकश आजकल..!!

तू आ बसी है मुझमें,
या मैं तुझमें कहीं खो गया हूँ


ऐसा सहारा बनेंगे तुम्हारा कि
कभी टूट ना पाओगे।
और इतना चाहेंगे तुम्हें कि
कभी रूठ ना पाओगे।


रात होगी तो चाँद दुहाई देगा,
ख्वाबों में उसका चेहरा दिखाई देगा,
ये इश्क है ज़रा सोच समझ कर करना,
क्यूंकि यहाँ एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा।


मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है यारों,
कि उम्रें बीत जाती हैं सजा पूरी नहीं होती।


प्यार वो नहीं जो हासिल करने के लिए कुछ भी करव दे
प्यार वो है जो उसकी खुशी के लिए अपने अरमान चोर दे


तुझे देख कर ये जहाँ रंगीन नजर आता है,
तेरे बिना दिल को चैन कहां आता है,
तू ही है मेरे इस दिल की धड़कन,
तेरे बिना ये जहां बेकार नज़र आता है।


उन हसीं पालो को याद कर रहे थे ,
आसमान से आपकी बात कर रहे थे ,
सुकून मिला जब हमे हवाओ ने बताया ,
आप भी हमें याद कर रहे थे


काश इक दिन ऐसा भी आये हम तेरी बाहों में समा जाएँ,
सिर्फ हम हो और तुम हो और वक्त ही ठहर जाए।


मन चर्चे हैं तुम्हारी खूबसूरती के आजकल
मगर शायरी हमारी भी इन दिनों उरूज पे है


सच्चे प्यार की यही पहचान है-
लड़ते हैं, झगड़ते हैं।
फिर भी…
एक-दुसरे के बिना रह नहीं पाते।


संभाले नहीं संभलता है दिल,
मोहब्बत की तपिश से न जला,
इश्क तलबगार है तेरा चला आ,
अब ज़माने का बहाना न बना।


जिस दिल में बसा था नाम तेरा हमने वो तोड़ दिया
न होने दिया तुझे बदनाम बस तेरे नाम लेना छोड़ दिया


इस नजर ने उस नजर से बात करली,
रहे खामोश मगर फिर भी बात करली,
जब मोहब्बत की फ़िज़ा को खुश पाया,
तो दोनों निगाहों ने रो रो कर बरसात करली।


बहुत बुरे हो तुम
फिर भी तुमसे अच्छा कोई नहीं लगता


तुम्हे देखकर ये निगाह झुक जायेगी,
ख़ामोशी हर बात कह जाएगी,
पद लेना इन निगाहों में अपने प्यार को,
तुम्हरी कसम साडी कायनात वही रुक जाएगी।


वो नाराज होता तो,
उसे हर कीमत पर मना लेते।
वो रिश्ता ही नहीं रखना चाहता तो,
उसे मनाये कैसे?


मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,
कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है।


मुझ में लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो,
खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी।


ज़िन्दगी के सफ़र में आपका सहारा चाहिए
आपके चरणों का बस आसरा चाहिए
हर मुश्किलों का हँसते हुए सामना करेंगे
बस ठाकुर जी आपका एक इशारा चाहिए


तेरी मोहब्बत ने हमे बेनाम कर दिया,
हमे हर ख़ुशी से अंजान कर दिया,
हमने तो कभी नही चाहा था हमे मोहब्बत हो,
लेकिन उसकी पहली नज़र ने हमे नीलाम कर दिया।


कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे… तुम मेरे हो,
दुनिया को बता कर क्या करना।
तुम साथ निभाओ चाहत से,
कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
फिर तुमको मना कर क्या करना।


तुम्हारी याद मे जीने की आरजू है अभी
कुछ अपना हाल सभालू अगर इजाजत हो


अब देखो किसकी जान जाती है?
मैंने उसकी और उसने मेरी,
कसम खाई है।


क्या चाहूँ रब से तुम्हें पाने के बाद,
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद,
क्यों मोहब्बत में जान लुटा देते हैं लोग,
मैंने भी यह जाना इश्क़ करने के बाद


कोई रिश्ता जो न होता, तो वो खफा क्यों होता?
ये बेरुखी, उसकी मोहब्बत का पता देती है।


मुझे नहीं मालूम वो पहली बार कब अच्छा लगा
मगर उसके बाद कभी बुरा भी नहीं


हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते हैं,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब मजाक लगता है।


मेरे प्यार की हद न पूछो तुम
हम जीना छोड़ सकते है
पर तुम्हे प्यार करना नहीं


तेरे खामोश होठों पर मोहब्बत गुन गुनाती है,
तू मेरी है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।


तुम्हारी गिरफ्त मेरा हौसला बढती है
मुझे तुम अपनी मोहब्बत में मुब्तला रखना रोमांटिक शायरी


नकाब से ढका था उसका पूरा बदन।
मगर आँखें बता रही थी, कि
वो मोहब्बत के शौकीन है।


मेरे होंठो पर लफ्ज़ भी अब तेरी तलब लेकर आते हैं,
तेरे जिक्र से महकते हैं तेरे सजदे में बिखर जाते हैं।


राज़ खोल देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश मोहब्बत की जुबान होती है।


नज़रों से देखो तोह आबाद हम हैं
दिल से देखो तोह बर्बाद हम हैं
जीवन का हर लम्हा दर्द से भर गया
फिर कैसे कह दें आज़ाद हम हैं


जब खामोश निगाहों से बात होती है,
तो ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
हमतो बस खोये ही रहतें हैं उनके ख्यालों में,
पता ही नही चलता कब दिन कब रात होती है।


बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह,
हर एक रूप मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ ||
ना तुम समझ सको कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है


हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।


तुम पूछ लेना सुबह से, न यकीन हो तो शाम से
ये दिल धड़कता है तेरे ही नाम से।


किसी ना किसी को
किसी पर ऐतबार हो जाता है।
एक अजनबी सा चेहरा,
बेशुमार यार हो जाता है।
खूबियों से नहीं होती मोहब्बत सदा,
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है।


नहीं है अब कोई जुस्तजू इस दिल में ए सनम,
मेरी पहली और आखिरी आरज़ू बस तुम हो।


लोगों ने रोज ही नया कुछ माँगा खुदा से,
एक हम ही हैं जो तेरे ख्याल से आगे न गये।


समझता ही नहीं वो मेरे अलफ़ाज़ की गहराई
मैंने हर लफ्ज़ कह दिया जिसे मोहब्बत कहते है


इश्क करती हूँ तुझसे अपनी जिंदगी से ज्यादा,
मैं डरतीं हूँ मौत से नही तेरी जुदाई से ज्यादा,
चाहे तो हमे आज़मा कर देख किसी और से ज्यादा,
मेरी जिंदगी में कुछ नही तेरी आवाज़ से ज्यादा।


मेरी मुहब्बत की हद ना तय कर पाओगे तुम
तुम्हें सांसों से भी ज्यादा मुहब्बत करते हैं हम


एहसास के दामन में आंसू गिरा कर देखो,
प्यार कितना है कभी हमे आज़मा कर देखो,
बिछड़ कर तुमसे क्या होगी दिल की हालत,
कभी किसी आईने पर पत्थर गिरा कर देखो।


वो कहती रही तुम मेरे हो।
मुझे सुनना था, मैं तुम्हारी हूँ।


हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो।


सांसों की डोर छूटती जा रही है
किस्मत भी हमे दर्द देती जा रही है
मौत की तरफ हैं कदम हमारे
मोहब्बत भी हम से छूटती जा रही है


हर कदम हर पल हम आपके साथ है,
भले ही आपसे दूर सही, लेकिन आपके पास हैं,
जिंदगी में हम कभी आपके हो या न हों,
लेकिन हमे आपकी कमी का हर पल एहसास हैं।


तेरे सिवा किसी और की चाहत नहीं
तेरे सिवा किसी और से मोहब्बत नहीं


मुझे तो न कोई आसमान चाहिये,
मुझे तो न कोई जहाँ चाहिये,
तू तो सितारों की एक महफ़िल है,
बस उस पूरी महफ़िल में से बस एक तू चाहिए।


हजारों चेहरों में,
एक तुम ही दिल को अच्छे लगे।
वरना ना तो चाहत की कमी थी,
और ना ही चाहने वालो की।


हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की,
तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी


मोहब्बत का एहसास तो हम दोनों को हुआ था
फर्क सिर्फ इतना था की उसने किया था और मुझे हुआ था


जो शख्स तेरे तसव्वुर से हे महक जाये
सोचो तुम्हारे दीदार में उसका क्या होगा


दिल का हाल बताना नही आता,
हमे ऐसे किसी को तड़पाना नही आता,
सुनना तो चाहतें हैं हम उनकी आवाज़ को,
पर हमे कोई बात करने का बहाना नही आता।


मैं चाहती हूँ तुम पे
सिर्फ मेरा हक़ हो


तेरे खामोश लबो पर मोहब्बत गुन गुनाती है,
तू मेरी है मैं तेरा हूँ बस… यही आवाज़ आती है।


मैंने कहा जान है तू मेरी,
मैंने कहा ज़िन्दगी है तू मेरी,
कभी मुझसे जुदा होने की सोचना भी मत,
क्योंकि पहचान है तू मेरी।


शराब तो यूँ ही बदनाम है।
हमने तो मोहब्बत के नशे में,
लोगों को मरते हुए देखा है।


मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,
मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं


चाहत हुई किसी से तो फिर बेइन्तेहाँ हुई,
चाहा तो चाहतों की हद से गुजर गए,
हमने खुदा से कुछ भी न माँगा मगर उसे,
माँगा तो सिसकियों की भी हद से गुजर गये।


अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं
प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं
जहाँ पर फूल खिलते थे कभी
आज वहां पर वीरान हो गए हैं


बस मुझे अपने बाहों में सुलालो,
फिर चाहे कितना भी मुझे रुला लो।


तड़प रहीं हैं मेरी साँसें तुझे महसूस करने को, …


ये दरिया-ए-इश्क है कदम जरा सोच के रखना,
इस में उतर कर किसी को किनारा नहीं मिला।


ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है, मोहब्बत के लिए,
फिर एक दूसरे से रूठकर वक़्त गँवाने की जरूरत क्या है।


मोहब्बत इतनी शिद्दत से करो कि
वह धोखा देकर भी सोचे कि
वापिस जाऊँ तो किस मुह से जाऊँ?


तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…


मरे तो लाखों होंगे तुझपर
मैं तो तेरे साथ जीना चाहता हूँ


ये जिंदगी चाहे कितने पल की भी मिले,
बस यही दुआ है बस तेरे संग मिले।


आपसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है, कुछ सुनने …


नींद से उठ कर इधर-उधर ढूँढती रहती हूँ मै,
कि ख्वाबो में मेरे इतने करीब चले आते हो तुम।


हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते हैं,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब मजाक लगता है।


Life में एक बार प्यार तो करना ही चाहिए।
सच्चा हो तो जिन्दगी बन जाती है और,
झूठा हो तो Experience मिल जाता है।


तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है


अना कहती है इल्तेजा क्या करनी,
वो मोहब्बत ही क्या जो मिन्नतों से मिले।


किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है
तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है
दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया
फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है


खुशबू बनकर तेरी साँसों में शमा जायेंगे,
सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे,
महसूस करने की कोशिश तो कीजिये एक बार,
दूर रहते हुए भी पास नजर आएंगे।


मेरे ख़याल से,,, अब हम….. तेरे……ख़्याल में भी नहीं …


तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,
हमारी बेचैनियों की वजह… बस तुम हो।


मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पर खत्म,
ये वो जुल्म है जिसे लोग मोहब्बत कहते हैं।


अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो,
हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया करते है


तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो


खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा,
एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा…!!!


#हमे फिर सुहाना #नज़ारा मिला है,
क्योंकि #जिंदगी में #साथ तुम्हारा #मिला है,
अब #जिंदगी में कोई #ख्वाइश नही रही,
क्योंकि #हमे अब #तुम्हारी बाहों का #सहारा मिला है।


निगाहें नाज़ करती है फ़लक के आशियाने से,
खुदा भी रूठ जाता है किसी का दिल दुखाने से।


अब कैसे कहें कि अपना बना लो मुझको,
अपनी बाहों की क़ैद में समा लो मुझको,
एक पल भी बिन तुम्हारे काटना है मुश्किल,
अब तो मुझसे ही चुरा लो मुझको।


आखों की गहराई में तेरी खो जाना चाहता हूँ आज तुझे बाँहों में लेकर सो जाना चाहता हूँ तोड़ कर हदे मैं आज सारी अपना तुझे बना लेना चाहता


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।


तुम मिल गए तो मुझ से नाराज है खुदा,
कहता है कि तू अब कुछ माँगता नहीं है।


घायल कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर
होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।


मोहब्बत कभी किसी की इजाज़त की मोहताज नहीं,
ये हमेशा से होती चली आई है,
और हमेशा होती रहेगी।


“न जिद है न कोई गुरूर है हमे,
बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,
इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,
सजा जो भी हो मंजूर है हमे।”


सूरज वो जो दिन भर आसमान का साथ दे
चाँद वो जो रात भर तारों का साथ दे
प्यार वो जो ज़िंदगी भर साथ दे
और दोस्ती वो जो पल पल साथ दे |


दिन में कब भला रात की रानी ने फ़िज़ा महकाई है,
इसीलिए शायद शहर सोया और तेरी खुश्बू आई है..
शुभरात्रि ?


अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो |


हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।


इश्क करो तो मुस्कुरा कर,
किसी को धोखा न दो अपना बना कर,
करलो याद जब तक जिन्दा हैं,
फिर न कहना चले गये दिल में यादे बसा कर।


मैं लव हूँ पर मेरी बात तुम हो,
और मैं तब हूँ जब मेरे साथ तुम हो।


एक सपने की तरह सजा कर रखु
अपने इस दिल में हमेशा छुपा कर रखु
मेरी तक़दीर मेरे साथ नहीं वर्ना
ज़िंदगी भर के लिए उसे अपना बना कर रखु ।


फिज़ाओं से उलझकर एक हसीं ये राज़ जाना है,
जिसे कहते हैं मोहब्बत वो नशा ही कातिलाना है।


बहुत खूबसूरत वो रातें होती हैं,
जब तुमसे दिल की बातें होतीं हैं।


ऐसा क्या बोलूं कि तेरे दिल को छू जाए,
ऐसी किससे दुआ मांगू कि तू मेरी हो जाए,
तुझे पाना नहीं तेरा हो जाना है मन्नत मेरी,
ऐसा क्या कर दूं कि ये मन्नत पूरी हो जाए।


आग लगी दिल में जब वो खफ़ा हुए,
एहसास हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा वो हमे कुछ दे न सके,
लेकिन दे गये बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।


ज़िन्दगी में किसी का साथ काफी है,
हाथों में किसी का हाथ काफी है,
दूर हो या पास फर्क नहीं पड़ता,
प्यार का तो बस अहसास ही काफी है।


अपनी कलम से दिल से दिल तक की बात करते हो
सीधे सीधे कह क्यों नहीं देते हम से #प्यार करते हो।


न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।


“किसी ने पूछा इतना अच्छा कैसे लिख लेते हो, मैने कहा दिल तोड़ना पड़ता है, लफ्जो को जोड़ने से पहले।”


ज़िंदगी लेहर थी आप साहिल हुए
ना जाने कैसे हम आपके काबिल हुए
ना भुला पाएंगे हम उस हसीं पल को
जब आप हमारी ज़िंदगी में शामिल हुए ।


“हर किसी को उतनी जगह दो दिल में जितनी वो आपको देता है, वरना या तो खुद रोओगे या वो आपको रुलायेगा !!”


“तमाम उम्र गुजार देगें हम राह-ए-इंतजार में, झूठा ही सही पर आने का एक वादा तो कर दे।”


मिटा कर हस्ती-ए-नाकाम को राह-ए-मोहब्बत में
ज़माने के लिए इक दरस-ए-इबरत ले के आया हूँ


“कोई नही था, कोई नही होगा, तुमसे ज्यादा मेरे दिल के करीब।”


“दीवानगी मे कुछ ऐसा कर जाएंगे।
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे,
वादा है तुमसे दिल बनकर तुम धड़कोगे
और सांस बनकर हम आएँगे।।”


“हम चाह कर भी तुमसे ज्यादा देर तक नाराज नही रह सकते, क्योंकि तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान में मेरी जान बसती है।”


जिंदगी के लिये जान ज़रूरी है,
जीने के लिये अरमान ज़रूरी है,
हमारे पास हो चाहे कितना भी गम,
लेकिन तेरे चहरे पर मुस्कान ज़रूरी है


भोली सी अदा कोई फिर इश्क की जिद पर है,
फिर आग का दरिया है और डूब के जाना है।


तू चाँद मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशिया हमारा होता।
लोग तुझे दूर से देखा करते और
सिर्फ पास रहने का हक हमारा होता।


कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो,
अपनी आँखों में किसी को उतार कर के देखो,
चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे,
ये एहसास जानना है तो दिल हार कर के देखो।


दीवानगी मे कुछ ऐसा कर जाएंगे।
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे,
वादा है तुमसे दिल बनकर तुम धड़कोगे
और सांस बनकर हम आएँगे।।”


किसी न किसी को किसी पर एतवार हो जाता है,
एक अजनबी सा चेहरा ही यार हो जाता है,
खूबियों से ही नही होती मोहब्बत सदा,
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है।


ज़िंदगी लेहर थी आप साहिल हुए
ना जाने कैसे हम आपके काबिल हुए
ना भुला पाएंगे हम उस हसीं पल को
जब आप हमारी ज़िंदगी में शामिल हुए


तमाम उम्र गुजार देगें हम राह-ए-इंतजार में, झूठा ही सही पर आने का एक वादा तो कर दे।”


“ज़िंदगी में आपकी एहमियत
हम आपको बता नहीं सकते
दिल में आपकी जगह ..
हम आपको दिखा नहीं सकते
कुछ रिश्ते बोहत अनमोल होते है
इससे जयादा हम आपको समझा नहीं सकते ।”


सामने हो मंजिल तो कदम ना मोड़ना
जो दिल में हो वो खवाब ना तोडना
हर कदम पर मिलेगी कामयाबी आपको
सिर्फ सितारे छूने के लिए कभी जमी ना छोड़ना ।


आईना देखोगे तो मेरी याद आएगी
साथ गुज़री वो मुलाकात याद आएगी
पल भर क लिए वक़्त ठहर जाएगा,
जब आपको मेरी कोई बात याद आएगी.”


पहली मोहब्बत के लिए दिल जिसे चुनता है.
वो अपना हो न हो…दिल पर राज हमेशा उसी का रहता है।”


“हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मुहब्बत का,
कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो!”


जीने के लिए जान जरूरी है,
कुछ पाने के लिए अरमान जरूरी है,
चाहे जितने भी ग़म हो मेरी दुनिया में,
तुम्हारे लबों पर मुस्कान जरूरी है


तुम पूछ लेना सुबह से, न यकीन हो तो शाम से
ये दिल धड़कता है तेरे ही नाम से।


तेरा नाम ही ये दिल रटता है,
ना जाने तुम पे ये दिल क्यू मरता है,
नशा है तेरे प्यार का इतना,
कि तेरी ही याद में ये दिन कटता है।


पहली मोहब्बत मेरी हम जान न सके,
प्यार क्या होता है हम पहचान न सके,
हमने उन्हें दिल में बसा लिया इस कदर कि,
जब चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके।


दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी हमारी याद आती है


निगाहें जब मिली उनसे तभी दिल हार बैठा हूँ,
मैं उसपे वारने सब कुछ लिये तैयार बैठा हूँ,
अगर इक बार कह दे वो कि आ जाओ मेरे दिल में,
मैं दुनियाभर की रस्मों को भुलाने को भी बैठा हूँ।


खुदा महफूज रखें आपको तीनों बलाओं से
वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनो की निगाहो से


आपकी परछाई हमारे दिल में है,
आपकी यादें हमारी आँखों में हैं,
आपको हम भुलाएं भी कैसे,
आपकी मोहब्बत हमारी सांसो में हैं।


बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,
वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,
जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,
तब वो ही पल मेरे लीये पूरी कायनात होती है।


आप और आपकी हर बात मेरे लिए ख़ास है,
यही शायद प्यार का पहला एहसास है।


ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंज़ूर है,
यादें हों कि खुशबू हो, यक़ीं हो कि ग़ुमान हो।


मुकम्मल ना सही अधूरा ही रहने दो,
ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है।


“हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे;
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे;
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया;
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।”


मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता
कुछ रिश्तो का कोई तोल नहीं होता
वैसे लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर
पर कोई आप की तरह अनमोल नहीं होता ।


तुम्हारी बात लम्बी है दलीलें है बहाने हैं
हमारी बात इतनी है हमारी जिंदगी हो तुम


हज़ार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल की,
बताओ कभी कुछ मिला है इसमें प्यार के सिवा


जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना,
क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता।


कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे… तुम मेरे हो,
दुनिया को बता कर क्या करना।
तुम साथ निभाओ चाहत से,
कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
फिर तुमको मना कर क्या करना।


दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।


एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह।


“हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मुहब्बत का,
कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो!”


किसी के पास ईगो है तो
किसी के पास एटीट्यूड है
मेरे पास तो बस एक तू है
और वह भी बड़ा क्यूट है


नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।


दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी हमारी याद आती है

Leave a Comment