175 Love Shayari

सुकून मिल गया मुझको बदनाम होकर,
आपके हर एक इल्ज़ाम पे यूँ बेजुबान होकर,
लोग पढ़ ही लेंगें आपकी आँखों में मोहब्बत,
चाहे कर दो इनकार यूँ ही अनजान होकर।


आँखों के सामने हमने हर पल आपको ही पाया है,
हमने तो हर पल इस दिल में बस आपको ही बसाया है,
हम आपके बिना जिए भी तो कैसे,
क्या कोई अपनी जान के बिना भी जी पाया है।


अभी तो साथ चलना है,
समन्दर की मुसाफत में,
किनारे पर ही देखेंगे,
किनारा कौन करता है।


किसी को पाने के लिए,
हमारी सारी खूबियां कम पड़ जाती है।
और खोने के लिए,
एक गलतफहमी ही काफी है।


कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं,
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है,
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैँ


शाम होते ही तेरे प्यार की पागल खुशबू,
नींद आँखों से सुकून दिल से चुरा लेती है।


हर एक हसीन चहरे में गुमान उसका था,
वस सका न इस दिल कोई क्योंकि ये मकान उसका था,
मिट गया हर एक गम मेरे दिल से,
लेकिन जो मिट न सका मेरे दिल से वो नाम उसका था।


हर बार उनकी सलामती की दुआ करेंगे,
उनकी आरज़ू में अपनी हस्ती फ़ना करेंगे,
वो चाहे दामन बचा ले हमसे लेकिन,
हम मरते दम तक उनसे वफ़ा करेंगे।


तेरी खुशी से नहीं गम से भी रिश्ता है मेरा,
तू जिंदगी का एक अनमोल हिस्सा है मेरा,
मेरी मोहब्बत सिर्फ लफ्जों की मोहताज नहीं,
तेरी रूह से रूह का रिश्ता है मेरा।


तुम वक़्त वक़्त पर प्यार की दवाइयां दिया करो,
हमे आदत है रोज तेरे प्यार में बीमार होने की।


दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया,
लोगों ने हमसे पूछा कि तुम्हें क्या हो गया,
बेचैन आँखों से सिर्फ हँस के हम रह गए,
ये भी ना कह सके कि हमें इश्क़ हो गया।


मोहब्बत की शमा जला कर तो देखो,
ये दिलो की दुनिया सज़ा कर तो देखो,
तुझे हो न जाए मोहब्बत तो कहना,
ज़रा हमसे नजरे मिला कर देखो।


अभी कमसिन हैं जिदें भी हैं निराली उनकी,
इसपे मचले हैं हम दर्द-ए-जिगर देखेंगे।


सच्चा प्यार कपड़े से तन को ढकता है,
और झूठा प्यार कहता है , कि कपड़े उतारो,
अगर मुझसे मोहब्बत है तो।


इस बात का एहसास किसी पर ना होने देना,
कि तेरी चाहतों से चलती हैं मेरी साँसे।


फिर याद बहुत आएगी जुल्फों की घनी शाम,
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा।


अपनी मोहब्बत से सजाना है तुझको,
कितनी चाहत है तुझसे ये बताना है तुझको,
राहों में तेरी बिछाकर मोहब्बत अपनी,
इश्क के सफर पर ले जाना है तुझको।


हमदम तो साथ साथ चलते हैं,
रास्ते तो बेवफा बदलते हैं,
तेरा चेहरा है जब से आँखों में,
जाने क्यों मुझ से लोग जलते हैं।


मंजिल भी तुम हो, तलाश भी तुम हो।
जिंदगी भी तुम हो, एहसास भी तुम हो।
दर्द भी तुम हो, मरहम भी तुम हो।
मेरे रूह में भी तुम हो,
मेरे इश्क और,
मेरे और मुकम्मल इश्क की दास्तान भी तुम हो।


सावन की बूंदों में झलकती है उनकी तस्वीर,
आज फिर भीग बैठे हैं उन्हें पाने की चाहत में।


भीगी हुयी आँखों का ये मंजर न मिलेगा,
घर छोड़ कर मत जाओ कहीं घर न मिलेगा।


एहसास के दामन में आंसू गिरा कर देखो,
प्यार कितना है कभी हमे आज़मा कर देखो,
बिछड़ कर तुमसे क्या होगी दिल की हालत,
कभी किसी आईने पर पत्थर गिरा कर देखो।


खीच लेती है हर बार मुझे तेरी मोहब्बत,
वरना मैं बहुत बार मिला हूँ आखरी बार तुझसे।


इश्क करते हो, तो इश्क की तौहीन ना करो।
या तो होश में ना आओ,
या फिर मदहोश ना करो।


तमाम शहर से मैं जंग जीत सकता हूं
मगर मैं तुमसे बिछड़ते ही हार जाऊंगा .


सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता?
बस पत्थर बन के रह जाता ताज महल
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता।


तुझ पर एतवार करना हैं,
दिल जान से प्यार करना है,
मेरी ख्वाइश ज्यादा नही बस इतनी हैं,
तुझे हर लम्हे में अपना बना कर रखना है।


कोई कब तक महज सोचे,
कोई कब तक महज गाये ,
इलाही क्या ये मुमकिन है के,
कुछ ऐसा भी हो जाए…

मेरा महताब उसकी रात के
आघोष में पिघले,
मैं उसकी नींद में जागूं
वो मुझमे घुल के सो जाये।


रब ना करे कि
इश्क की कमी किसी को सताए।
प्यार करो तो उसी से,
जो तुम्हें दिल की हर बात बताये।


दीवानगी मे कुछ ऐसा कर जाएंगे।
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे।
वादा है तुमसे ।
दिल बनकर तुम धड़कोगे और सांस बनकर हम आएँगे।।


मैं कुछ लम्हा और तेरा साथ चाहता हूँ,
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता हूँ,
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर,
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता हूँ।


हम भी अब मोहब्बत के गीत गाने लगे हैं, जब से वो हमारे ख्वाबों में आने लगे हैं।


तमन्ना यही है मेरी,
कि मेरे हाथों में हाथ तेरा हो
जिंदगी चाहे पल भर की हो,
या हो सदियों की…
सारी जिंदगी बस साथ तेरा हो।


वो मोहब्बत के सौदे भी अजीब करता है,
बस मुस्कराता है और दिल खरीद लेता है।


पास नहीं हो, फिर भी तुमसे प्यार करते हैं,
देखकर तस्वीर तुम्हारी, तुम्हें याद करते हैं।
दिल में ऐसी तड़प है,
तुमसे दूर रहकर भी हर वक्त,
तुमसे मिलने की फरियाद करते है।


उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है,
उनके इंतजार में दिल तरसता है
क्या कहें इस कम्बख्त दिल को..
अपना हो कर किसी और के लिए धड़कता है।


एक मुस्कान तू मुझे एक बार दे दे,
ख्वाब में ही सही एक दीदार दे दे,
बस एक बार कर दे तू आने का वादा,
फिर उम्र भर का चाहे इन्तजार दे दे।


किसी मोड़ पर उसका दीदार हो जाये,
काश उसे भी मुझ पर एतवार हो जाये,
उसकी पलके झुकें और इकरार हो जाये,
काश उसे भी मुझ से प्यार हो जाये।


ज़िन्दगी बन गए हो तुम मेरी,
आरज़ू बन गए हो तुम मेरी,
मेरा खुदा मुझे माफ़ करे,
बंदगी बन गए हो तुम मेरी।


दिल के लिए हयात का पैगाम बन गयी,
बेचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गयी।


तेरी मोहब्बत में गिरफ्तार हो गया।
ना जाने क्यों तुम से प्यार हो गया?
कोई है दिल जो धड़कता है मेरे लिए,
उस धड़कन पे मैं जानिसार हो गया।


किसी को उनसे मिल के इश्क़ हुआ,
किसी को उनको देख के इश्क़ हुआ,
एक हम ही थे जो उनको न देखे न मिले,
हमको तो उनसे हुई बातों से ही उनसे इश्क़ हुआ


तुम्हें जरूर कोई चाहतों से देखेगा,
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लायेगा।


चुपके से आकर मेरे दिल में उतर जाते हो,
सांसो में मेरी खुशबू बन कर बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोतें जागते अब तो तुम ही तुम नज़र आते हो।


मेरे हाथों की लकीरों में समाने वाले,
कैसे छीनेंगे तुझे मुझसे ज़माने वाले।


देने वाले दे ही देंगे, जान छोटी चीज है।
रूबरू तेरे हर एक सामां छोटी चीज है।
मेरे दिल पे छा गया है इश्क का ऐसा जुनून,
अब जिंदगी का अरमां छोटी चीज है।


उदास न बैठो फ़िज़ा तंग करेगी ,
गुजरे हुए लम्हो की सज़ा तंग करेगी ,
किसी को न लाओ दिल के इतना करीब ,
क्योंकि उसके जाने के बाद उसकी हर अदा तंग करेगी


अगर तलाश करोगे तो मिल ही जायेगा,
मगर हमारी तरह कौन तुम्हें चाहेगा।


जिक्र करता है ये दिल सुबह शाम तेरा,
बहते हैं आँसू और बनता है नाम तेरा,
किसी और को क्यों देखे ये आँखे मेरी,
जब दिल पर लिखा है मेरे नाम तेरा।


आपके आने से ज़िन्दगी कितनी ख़ूबसूरत है,
दिल में बसी है जो वो आपकी ही मूरत है,
दूर नहीं जाना हमसे कभी भूलकर भी,
हमे हर कदम पर बस आपकी जरुरत है।


जो भी दुनिया में मुहब्बत पे जाँनिसार करे।
ऐसे दीवाने से आखिर क्यूँ कोई प्यार करे।
रेत प्यासा-सा तड़पता है हर साहिल पे,
कितनी सदियों से वो लहरों का इंतजार करे।


तेरी याद क्यों आती है ये मालूम नहीं
लेकिन जब भी आती है अच्छा लगता है


ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ,
बस इतनी बात पर मैं लोगों को अच्छा नहीं लगता,
मैं नेकी कर तो देता हूँ जताना भूल जाता हूँ।


किसी ने पूछा इश्क हुआ था क्या? हमने मुस्कुरा कर कहा आज भी है।


तुझको चाहा तो क्या खता की हमने,
एक तेरे लिए दुनिया भुला दी हमने।

तू फिर भी रखती है शिकायत हमसे,
सजदों में तुझे पाने की दुआ की हमने।

जब से मिला तेरा साथ हमें ऐ सनम,
तब से अपनी हर तमन्ना मिटा दी हमने।

एक आदत सी हो गई तुझे याद करने की,
तेरे लिए अपनी हस्ती तक गंवा दी हमने।


एक पल में जो आकर गुजर जाए,
हवा का एक झोंका है और कुछ नहीं।
प्यार कहती है दुनिया जिसे,
एक रंगीन धोखा है और कुछ नहीं।


हमको ही क्यों देते हो प्यार का इल्जाम
जरा खुद से भी पूछों इतने प्यारे क्यों हो


लोग हर बात का अफ़साना बना लेते हैं,
सबको हालात की रूदाद सुनाया न करो।


सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।


तुम अपना रंजो ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो,
तुम्हे मेरी कशम ये दुःख ये हैरानी मुझे दे दो,
ये माना मैं किसी काबिल नहीं इन निगाहों के,
बुरा क्या है अगर इस दिल की वीरानी मुझे दे दो।


कमाल का ताना दिया,
आज मंदिर में भगवान ने।
मांगने ही आते हो,
कभी मिलने भी आया करो।


सुनो आँखों के पास नहीं तो न सही
कसम से दिल के बहोत पास हो तुम


रेत पर लिख के मेरा नाम मिटाया न करो,
आँख सच बोलती है प्यार छुपाया न करो।


मेरे बजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।


सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं तुम्हे,
किसी और का नाम लेकर जलाऊं तुम्हे,
पर चोट लगेगी तुम्हे तो दर्द मुझे ही होगा,
अब ये बताओ किस तरह सताऊं तुम्हे।


चाहे तो हमे दिल से मिटा देना।
चाहे तो हमे दिल से भुला देना।
मगर आए जो कभी मेरी याद,
ऐ जान…रोना मत, सिर्फ मुस्कुरा देना।


तुम्हारी आँख के आँसू हमारी आँख से निकले
तुम्हे फिर भी शिकायत है मोहब्बत हम नहीं करते


इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी,
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी,
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम,
वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।


मैं यूँ मिलूँ तुझसे की तेरा लिबास बन जाऊँ,
तुझे बना कर समंदर खुद प्यास बन जाऊँ,
आज पहलू में टूट कर बिखर जाऊँ,
कल को शायद मुमकिन नही हो मैं तुझको पाऊँ।


जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हे रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं।


हर नजर को एक निगाह का हक है।
हर रूह को एक आह का हक है।
हम भी दिल लेकर आए है इस दुनिया मे,
हमे भी प्यार करने का हक है।


बडी गुस्ताख है तुम्हारी याद उसे तमीज सिखा दो
दस्तक भी नहीं देती और दिल में उतर जाती है


कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे,
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे,
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बूँद के लिए,
हम तो बादल है प्यार के कहीं और बरस जायेंगे।


दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया,
लोगो ने हमसे पूछा तुमको क्या हो गया,
हम तो बस यूँ ही मुस्कुरा कर रह गये,
अब कैसे कह हमे भी किसी से प्यार हो गया।


नहीं जो दिल में जगह तो नजर में रहने दो,
मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो,
मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ,
मेरे वजूद को ख्वाबो के घर में रहने दो।


प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता।
जहर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता।
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की,
उसके बिना जीया नहीं जा सकता।


तू मुझे इस कदर अच्छा लगता है,
के तेरे बिन अब मुझे कुछ नही अच्छा लगता है।


प्यार की कली सब के लिए खिलती नहीं,
चाहने पर हर एक चीज मिलती नहीं,
सच्चा प्यार किस्मत से मिलता है,
और हर किसी को ऐसी किस्मत मिलती नहीं।


इस प्यार का अंदाज़ न जाने कैसा है,
हम क्या बताये ये राज़ कैसा है,
कौन कहता है आप चाँद जैसे हो,
हम तो कहते हैं की चाँद खुद आप जैसा है।


बहके बहके ही अंदाज़ बयान होते हैं,
जब आप होते हैं तो होश कहाँ होते हैं।


लोग इश्क में जान देने की बात करते हैं,
मगर देता कोई नहीं।
हम तो हथेली पर जान लिए घूमते हैं,
कमबख्त कोई माँगता ही नहीं।


लेना पड़ेगा इश्क में तर्क-ए-वफ़ा से काम,
परहेज इस मर्ज़ में है बेहतर इलाज से।


हर पर्वत को झुका नही सकते,
हर दरिया को सुखा नही सकते,
तुम हमे भूल जाओ भले ही,
लेकिन हम तुम्हे कभी भुला नही सकते।


मेरे वजूद में काश तू उतर जाये,
मैं देखूं आइना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और वक़्त ठहर जाये,
और तुझे देखते हुए ज़िन्दगी गुजर जाये।


कोई पूछे मुझसे इश्क की शख्सियत,
तो बस बेहिसाब लिख दूं।
तू मेरी नजरों में एक बार देख तो सही,
मैं तेरी नजरों पर किताब लिख दूं।


दिल-ए-गुमराह को काश ये मालूम होता,
प्यार तब तक हसीन है, जब तक नहीं होता।


चाँद से चाँदनी होती है सितारों से नही,
और प्यार एक से होता है हजारो से नही।


कैसे बीती रात किसी से मत कहना,
सपनो वाली बात किसी से मत कहना,
कैसे उठे बादल और कहाँ जाकर टकराये,
कैसे हुई बरसात किसी से मत कहना।


दिल अपने आप धड़कता है, धड़काया नहीं जाता।
यह राज-ए-मोहब्बत हर किसी को बताया नहीं जाता।
अगर एहसास हो, तो मोहब्बत को कर लो महसूस,
यह वो जज्बा है, जो लफ्जों में समझाया नहीं जाता।


फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये ज़िंदगी न मिलेगी जो गुज़र जायेगी।


कोई चाँद से मोहब्बत करता है,
कोई सूरज से मोहब्बत करता है,
हम उनसे मोहब्बत करते हैं,
जो हमसे मोहब्बत करता है।


चलो अपनी चाहते नीलाम करते हैं,
मोहब्बत का सौदा सरे आम करते हैं,
तुम केबल अपना साथ हमारे नाम कर दो,
हम अपनी जिंदगी तुम्हारे नाम करते हैं।


सबसे ज्यादा गुस्सा खुद पर तब आता हैं।
जब प्यार भी हम करें, इंतजार भी हम,
जताये भी हम और रोयें भी हम।


मेरे दिल की धड़कनो को
तूने दिलबर धड़कना सीखा दिया ,
जब से मिली है मोहब्बत तेरी मेरे दिल को ,
गम में भी हंसना सीखा दिया


मोहब्बत में किसी का इंतजार न करना,
हो सके तो किसी से प्यार न करना,
कुछ नहीं मिलता किसी से मोहब्बत करके,
खुद की ज़िन्दगी इस पर बेकार न करना।


दिल पर आये इल्ज़ाम से पहचानते हैं,
अब लोग तो मुझे तेरे नाम से पहचानते हैं।


उनसे कह दो किसी और से मोहब्बत की न सोचे,
एक हम ही काफी हैं उम्र भर चाहने के लिए।


मुझसे अपना प्यार कभी वापस मत लेना।
मुझसे ये इकरार कभी वापस मत लेना।
कहते रहना हर पल मैं तुम्हारी हूँ,
मुझसे ये इजहार कभी वापस मत लेना।


तू फिर भी रखती है शिकायत हमसे,
सजदों में तुझे पाने की दुआ की हमने.


क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है,
एक दिन का भी इंतज़ार दुष्वार हो जाता है,
अपने भी लगने लगते हैं पराये,
जब एक अजनबी पर एतवार हो जाता है।


मैं घर से तेरी तमन्ना पहन के जब निकलूं,
बढ़ाना शहर में कोई नजर न आये मुझको।


खुदा प्यार सबको देता है,
दिल भी सबको देता है।
दिल में बसने वाला भी सबको देता है। पर,
दिल को समझने वाला,
नसीब वालों को ही देता है।


हजार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल की ,
बताओ कभी कुछ मिला है इसमें प्यार के सिवा |


जो मोहब्बत तुम्हारे दिल में है,
उसे जुबां पर लाओ और बयां कर दो,
आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ,
हम बस सुनें ऐसे बेज़ुबान कर दो।


नज़रो को तेरे प्यार से इंकार नही है,
अब मुझे किसी और का इंतज़ार नही है,
मैं खामोश हूँ तो वो वजूद है मेरा,
लेकिन तुम ये न समझना मुझे तुमसे प्यार नही है।


अगर तलाश करोगे तो कोई मिल ही जायेगा,
मगर हमारी तरह कौन तुझे चाहेगा,
तुम्हे जरुर कोई चाहतों से देखेगा,
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लायेगा।


अपनी जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे,
मगर मेरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले।


आप पहलु में जो बैठे तो संभल कर बैठें,
दिल-ऐ-बेताब को आदत है मचल जाने की |


इश्क़ में हमने वही किया जो फूल करते हैं बहारों में,
खामोशी से खिले… महके… और फिर बिखर गए।


भंवर से निकल कर एक किनारा मिला है,
जीने को फिर एक सहारा मिला है,
बहुत कश्मकश में थी ये जिंदगी मेरी,
अब इस जिंदगी में साथ तुम्हारा मिला है।


तमन्ना है मेरी कि आपकी आरज़ू बन जाऊं,
आपकी आँख का तारा न सही आँसू बन जाऊं,
मैं आपकी जिंदगी की खुशी बनूँ या न बनूँ,
पर आपके ग़म में आपका सहारा बन जाऊं।


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।


मोहब्बत का एहसास हम दोनों को हुआ था,
फर्क सिर्फ इतना था की उसने किया था मुझे हुआ था |


अंदाज़ बदलने लगते हैं आँखों में शरारत रहती है,
चेहरे से पता चल जाता है जब दिल में मोहब्बत होती है।


अपनी कलम से लिखूं वो लफ़्ज़ हो तुम,
अपने दिमाग से सोच लूँ वो ख्याल हो तुम,
अपनी दुआओ में मांग लूँ वो मन्नत हो तुम,
और जिसे हम अपने दिल में रखते हैं वो चाहत हो तुम।


ना किसी का पैसा,
ना किसी की जान चाहिए।
जो मुझे समझ सके,
बस ऐसा एक इंसान चाहिए।


तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूंगा तुझे,
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो |


उस शख्स से फ़क़त इतना सा ताल्लुक है मेरा,
वो परेशान होता है तो मुझे नींद नहीं आती है।


देख कर तुम्हारे बहते आँसू,
हम सह नही सकते हैं,
न जाने तुमसे हमे कितनी मोहब्बत हैं
हम कह नही सकते हैं,
कितना भी नाराज हो जाएं हम तुमसे
ऐ सनम,
लेकिन ये भी सच हैं हम
तुम्हारे बिना रह नही सकते हैं।


लफ्ज-ए-शायरी तो शायर ही जानें…
मुझें रूहानी इश्क़ है तुमसे मैं तो बस इतना जानू।


इसी कश्मकश का नाम मोहब्बत है,
आँखों में समन्दर हो फिर भी प्यास रहती है।


गलती पर साथ छोड़ने वाले तो बहुत मिले।
गलती पर समझाकर,
साथ निभाने वाले की जरुरत है।


मरे तो लाखों होंगे तुझपर,
मैं तो तेरे साथ जीना चाहता हूँ |


जोश-ए-जुनूँ में लुत्फ़-ए-तसव्वुर न पूछिए,
फिरते हैं साथ साथ उन्हें हम लिए हुए।


मोहब्बत में अच्छा खासा इंसान दीवाना बन जाता है,
बिना कुछ सोचे समझे फ़साना बन जाता है,
उनसे एक नजर क्या मिली हमारे होश उड़ गये,
न जाने कैसे कोई किसी की जान बन जाता है।


चल चलें किसी ऐसी जगह जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा हो,
इश्क़ की रात हो और…बस मोहब्बत का सवेरा हो।


इश्क के बाजार में,
हुस्न एवं उम्र की जरूरत नहीं।
दिल जिस पर आ जाए,
वही सबसे हसीन होता है।


यार पहलु में है, तन्हाई है, कह दो निकले
आज क्यों दिल में छुपी बैठी है हसरत मेरी |


तुमको पाने की तमन्ना नहीं
फिर भी खोने का डर है,
कितनी शिद्दत से देखो
मैनें तुमसे मोहब्बत की है।


कभी तुझे धोखा नही देंगे हम पर कुछ एतवार तो करो,
जरा मेरी तरह अपना दिल बेकरार तो करो,
जब तूम सामने होती हो तो जिंदगी में एक रौशनी सी होती है,
एक बार मेरी तरह मुझे तुम प्यार तो करो।


किताबों से दलील दूँ,
या खुद को सामने रख दूँ,
वो मुझसे पूछ बैठा है,
मोहब्बत किसको कहते हैं?


बर्बाद कर देती है मोहब्बत,
हर मोहब्बत करने वाले को।.
क्योंकि इश्क हार नहीं मानता,
और ये दिल बात नहीं मानता।


लत तेरी ही लगी है, नशा शरेआम होगा,
हर लम्हा ज़िंदगी का सिर्फ तेरे नाम होगा |


जब तक तुम्हें न देखूं दिल को करार नहीं आता,
किसी गैर के साथ देखूं तो फिर सहा नहीं जाता।


उसकी झील सी आँखों में डूब जाने को दिल करता है,
उसके इश्क में तबाह हो जाने को दिल करता है,
कदम बहक रहे हैं और दिल धड़क रहा है,
उसके दीदार में मिट जाने का जी चाहता है।


सामने बैठे रहो दिल को करार आएगा,
जितना देखेंगे तुम्हे उतना ही प्यार आएगा।


तमन्ना-ए-इश्क तो हम भी रखते है।
किसी के दिल में हम भी धड़कते है।
ना जाने हमें वो कब मिलेंगे?
जिनके लिए हम तड़पते हैं।


आप और आपकी हर बात मेरे लिए ख़ास है,
यही शायद प्यार का पहला एहसास है |


मैं नासमझ ही सही मगर वो तारा हूँ जो,
तेरी एक ख्वाहिश के लिए सौ बार टूट जाऊं।


तेरे साय को दिल में छुपाये चलते हैं,
तेरी यादो को दिल में दबाय चलतें हैं,
जिस दिन न हो उन से मुलाकात,
उस दिन सांसो के गुल मुरझाय चलतें हैं।


उस शख्स से बस इतना सा ताल्लुक़ है,
वो परेशां हो तो हमें नींद नहीं आती।


शयद वो अपना वजूद छोड़ गया है मेरी हस्ती में,
यूँ सोते सोते जाग जाना मेरी आदत पहले कभी न थी।


काफी है हुस्न दिल को बहलाने के लिए,
मोहब्बत कर लो दिल को दुखाने के लिए।


अगर इश्क़ करो तो आदाब-ऐ-वफ़ा भी सीखो,
ये चंद दिन की बेकरारी मोहब्बत नहीं होती |


काश कोई मिले इस तरह कि फिर जुदा न हो,
वो समझे मेरा मिजाज और कभी खफा न हो,
अपने एहसास से बाँट ले सारी तन्हाई मेरी,
इतना प्यार दे जो किसी ने किसी को दिया न हो।


मोहब्बत तो जीने का नाम है,
मोहब्बत तो यूँ ही बदनाम है,
एक बार मोहब्बत कर के तो देखो,
मोहब्बत हर दर्द पिने का नाम है।


तमन्ना यही है मेरी,
कि मेरे हाथों में हाथ तेरा हो
जिंदगी चाहे पल भर की हो,
या हो सदियों की…
सारी जिंदगी बस साथ तेरा हो।


दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना।
खामोश से रहने लगे हैं तुम्हारे बिना।
जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है।
वरना जी ना पाएंगे तुम्हारे बिना।


दिल का हाल बताना नहीं आता,
हमे ऐसे किसी को तड़पाना नहीं आता,
सुनना तो चाहते है उनकी आवाज़ को,
पर हमे कोई बात करने का बहाना नहीं आता |


माना कि तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम जान दे देंगे आपको पाने के लिये।


बहारें जब खिलती हैं तो फूल खिल जातें हैं,
और जब इश्क जवां होता है तो दो दिल मिल जाते हैं,
इश्क की राहें भी बहुत अजीब होती हैं,
लफ्ज आँखों से बयां होते हैं, और होठ सिल जाते हैं।


उनके साथ जीने का एक मौका दे दे, ऐ खुदा;
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे।


ना इश्क का इजहार किया।
ना ठुकरा सके हमें वो।
हम तमाम जिंदगी मजलूम रहे,
उनके वादे मोहब्बत के।


एक उम्र बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह |


रग रग में है जो बिखरी
वो खुशबु तुम्हारी है,
मैदान-ए-इश्क़ की बाज़ी
इस दिल ने भी हारी है,
मुझे यूँ छोड़ जा बेशक भले
पर भूल ना पाओगी,
तेरे हर शिकवे पर भारी
ये मोहब्ब्त हमारी है।


न जाने क्यों वो हमसे मुस्कुरा कर मिलते हैं,
अंदर के सारे गम छुपा कर मिलते हैं,
वो जानते हैं शायद नजरे सच बोलती हैं,
इसलिये वो हमसे नजरे झुका कर मिलते हैं।


दावे मोहब्बत के मुझे नहीं आते हैं,
बस एक जान है जब दिल चाहे मांग लो।


वो मेरे दिल पर सिर रखकर सोई थी बेखबर।
हमने धड़कन ही रोक ली कि,
कहीं उसकी नींद ना टूट जाए।


दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद,
अब मुझको नहीं कुछ भी मोहब्बत के सिवा याद |


हसरतें रह जाएँगी आपके बिना अधूरी,
ज़िन्दगी न होगी आपके बिना पूरी,
अब और सही जाये न यह दूरी,
जीने के लिये आपका साथ है बहुत ज़रूरी।


तू ही मेरी जिंदगी तू ही मेरा ख्वाब है,
तू ही सादगी तू ही एहसास है,
जी चाहता है बस यही कहता रहूँ,
तू ही मेरी मन्नत तू ही मेरी जान है।


निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,
माना के रूठ जाना यूँ आदत है आपकी,
लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।


इश्क की चोट का कुछ,
दिल पे असर हो तो सही।
दर्द कम हो कि ज्यादा हो,
मगर हो, तो सही।


हज़ारो चेहरों में एक तुम ही पर मर मिटे है वरना,
ना चाहतों की कमी थी और ना चाहने वालों की |


लाजिम नहीं कि उस को भी मेरा ख्याल हो,
मेरा जो हाल है वही उसका भी हाल हो,
कोई खबर ख़ुशी की कहीं से मिले मुनीर,
इस रोज-ओ-शब में ऐसा भी इक दिन कमाल हो।


तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है,
तू मेरे पास नही फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत की है।


अंदाज़ बदलने लगते हैं,
आँखों में शरारत रहती है,
चहरे से पता चल जाता है,
जब दिल में मोहब्बत होती है।


जो बदल जाये वो यार कैसा?
जो छोड़ जाये वो साथ कैसा?
लोग कहते है, तुझे प्यार फिर से हो जायेगा,
लेकिन जो फिर से हो जाये,
तो प्यार कैसा?


हमे सीने से लगाकर हमारी साड़ी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाए हमे इतना मज़बूर कर दो |


मत किया कीजिये दिन के
उजालों की ख्वाहिशें,
ये जो आशिक़ों की बस्तियाँ हैं
यहाँ चाँद से दिन निकलता है।


जिंदगी एक लहर थी फिर आप हासिल हुए,
न जाने कैसे हम आपके काबिल हुए,
न भूल पाएंगे कभी उस हंसी पल को,
जब आप हमारी जिंदगी में शामिल हुए।


बदलेंगे नहीं ज़ज़्बात मेरे तारीखों की तरह,
बेपनाह इश्क़ करने की ख्वाहिश उम्र भर रहेगी।


दुनिया में इतनी रस्में क्यों है?
प्यार अगर जिंदगी है, तो इसमें कसमें क्यों है?
हमें बताता क्यों नहीं ये राज कोई,
दिल अगर अपना है, तो
किसी और के बस में क्यों है?


खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,
हज़ार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे |


कोई हाथ भी न मिलाएगा,
जो गले मिलोगे तपाक से,
ये नए मिजाज का शहर है,
जरा फ़ासले से मिला करो।

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