Mahatma Gandhi Quotes in Hindi



Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

महात्मा गांधी कौन थे?


महात्मा गांधी का पुरा नाम नाम मोहनदास करमचंद गांधी है


Hindi Collection of Mahatma Gandhi Quotes. Also Check Mahatma Gandhi Quotes & Messages in English here

सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, सत्य हमेशा आत्म निर्भर होता है
प्रतिष्ठा, किसी व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुंचाने में हैं न की खुद पहुंचने में।
पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो
खुद के अंदर के उत्साह को जगाने के लिए किये गये प्रयास ही इंसान को जानवरों से अलग बनाते है।
एक भूखें के लिए रोटी ही उसका भगवान है।
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है.
ईश्वर का कोई धर्म नहीं है
सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं। अन्य से पृथक रखने का प्रयास करें।
पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी
सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो।
मै मरने के लिए तैयार हूं, पर ऐसी कोई वजह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूं
क्रोध और असहिष्णुता, सही समझ के दुश्मन हैं।
गलत साधन हमें कभी भी सही उद्देश्य तक नही ले जाते हैं।
मानवता की महानता मानव बनने में नहीं। बल्कि मानवता के प्रति दयालु बनने में है
प्रार्थना करने में शब्दों से जयादा दिल का होना जरूरी हैं। बिना दिल के शब्दों से की गई प्रार्थना निरार्थक हैं।
जो लोग अपनी तारीफ के भूखे होते हैं वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है.
प्रार्थना का अर्थ कुछ माँगना नहीं है, ये तो आत्मा की एक लालसा है, ये हमारी कमजोरी की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना शब्दों के भी ह्रदय और मन का उपस्थित होना, शब्दों के साथ भी मन के ना होने से बेहतर है
कुछ लोग सफलता के केवल सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है.
मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?
कोई गलती तर्क वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती हैं, ना ही कोई सत्य इसलिए गलती नहीं बन सकता है कि कोई उस देख नहीं रहा है
किसी देश की महानता, वहां जानवरों से कैसे पेश आते हैं, से पता चल जाता हैं।
हर रात, मैं जब सोने जाता हूँ,तब मैं मर जाता हूँ, और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, तब मेरा पुनर्जन्म होता हैं
जब तक आप किसी को वास्तव में खो नहीं देते, तब तक आप उसकी अहमियत नहीं समझते।
कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है की लड़ते-लड़ते मर जाना
एक निर्धारित लक्ष्य और कभी ना बुझने वाले जोश के साथ अपने मिशन पे काम करने वाला शरीर ही इतिहास के पाठ्यक्रम को बदलता है
श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।
पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है
प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है
आप जो भी करते हैं वह कम महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप कुछ करें
आपके कार्य आपकी प्राथमिकताएं बताते हैं।
व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं उसके चरित्र से होती है
गरीबी दैवीय अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षड्यंत्र है
मेरा मन मेरा मंदिर हैं ; मैं किसी को भी अपने गंदे पाँव के साथ मेरे मन से नहीं गुजरने दूंगा।
मैं सिर्फ लोगों के अच्छे गुणों को देखता हूं, ना की उनकी गलतियों को गिनता हूं।
आप जो सुधार दुनियाँ में देखना चाहते हो, आप खुद उस सुधार का हिस्सा होने चाहिए
कोई कायर प्यार नहीं कर सकता है; यह तो बहादुर की निशानी है।
अपनी गलती को स्वीकारना झाडू लगाने के समान है, जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ कर देती है।
मौन सबसे सशक्त भाषण है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी
पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं
एक आदमी अपने विचारों से बनता है, जो वह सोचता है, वह बन जाता है।
जब भी आपका विरोधियों के साथ सामना हो, तब अपने प्यार से उन्हें परास्त कीजिये।
अगर आप कुछ नहीं करोगे तो आपके पास कोई परिणाम नहीं होगा
शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, केवल शांति है।
चरित्र की शुद्धि ही ज्ञान पाने का उद्देश्य होना चाहिए
शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। यह एक अदम्य इच्छा शक्ति से आती है
किसी देश की महानता और उसकी नैतिक उन्नति का अंदाजा हम वहां जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं।
क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है।
मैं हिन्दी के जरिए प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किंतु उनके साथ हिन्दी को भी मिला देना चाहता हूं।
जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है